📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / China News Service
विदेश
AIIB की अध्यक्ष ज़ौ जियाई दिल्ली पहुंचीं, BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारी
✍️ Telangana Today
🗓 11 सित. 2026, 01:49 PM
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AIIB की अध्यक्ष ज़ौ जियाई ने मंगलवार को दिल्ली में आगमन किया, जहाँ वे BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत में भाग लेंगी, जिससे बैंक की आर्थिक पहल में भागीदारी स्पष्ट हुई।
AIIB की अध्यक्ष ज़ौ जियाई ने मंगलवार को दिल्ली में आगमन किया, जिससे BRICS शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी की शुरुआत हुई, जो इस सप्ताहांत तक चलने की संभावना है। बहुपक्षीय विकास बैंक की प्रमुख को वित्त मंत्रियों और पाँच सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने की योजना है, ताकि साझा विकास लक्ष्यों के अनुरूप वित्तीय परियोजनाओं पर चर्चा की जा सके।
ज़ौ के कार्यक्रम में राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत समारोह और भारतीय अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएँ शामिल हैं। इन बैठकों में बुनियादी ढाँचा, हरित ऊर्जा निवेश और AIIB द्वारा BRICS विकास एजेंडा के तहत सह‑वित्त पोषण की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
BRICS शिखर सम्मेलन, जो नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है, ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं को एक साथ लाता है। ज़ौ की उपस्थिति बैंक की इस समूह के साथ सहयोग को गहरा करने की इच्छा को दर्शाती है, क्योंकि BRICS पारंपरिक पश्चिमी संस्थानों के विकल्प के रूप में वैकल्पिक विकास वित्त की तलाश कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि AIIB की भागीदारी सदस्य अर्थव्यवस्थाओं में बड़े‑पैमाने पर परियोजनाओं के लिए पूँजी के स्रोत को बढ़ा सकती है, विशेषकर परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में। शिखर सम्मेलन ज़ौ को बैंक की नवीनतम पहलों को प्रस्तुत करने और BRICS देशों के साथ संयुक्त वित्तीय तंत्र की खोज करने का मंच भी प्रदान करेगा।
ज़ौ के कार्यक्रम में राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत समारोह और भारतीय अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएँ शामिल हैं। इन बैठकों में बुनियादी ढाँचा, हरित ऊर्जा निवेश और AIIB द्वारा BRICS विकास एजेंडा के तहत सह‑वित्त पोषण की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
BRICS शिखर सम्मेलन, जो नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है, ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं को एक साथ लाता है। ज़ौ की उपस्थिति बैंक की इस समूह के साथ सहयोग को गहरा करने की इच्छा को दर्शाती है, क्योंकि BRICS पारंपरिक पश्चिमी संस्थानों के विकल्प के रूप में वैकल्पिक विकास वित्त की तलाश कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि AIIB की भागीदारी सदस्य अर्थव्यवस्थाओं में बड़े‑पैमाने पर परियोजनाओं के लिए पूँजी के स्रोत को बढ़ा सकती है, विशेषकर परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में। शिखर सम्मेलन ज़ौ को बैंक की नवीनतम पहलों को प्रस्तुत करने और BRICS देशों के साथ संयुक्त वित्तीय तंत्र की खोज करने का मंच भी प्रदान करेगा।