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20 अग. 2026
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भारत में एआई‑संगीत का उछाल, कॉपीराइट कानून पर सवाल
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Foreign Affairs of Japan
टेक्नोलॉजी

भारत में एआई‑संगीत का उछाल, कॉपीराइट कानून पर सवाल

✍️ outlookbusiness.com 🗓 20 अग. 2026, 03:37 AM 👁 9
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भारत में एआई द्वारा संगीत रचना का विस्तार तेज़ी से हो रहा है, जिससे विशेषज्ञों ने मौजूदा कॉपीराइट कानून की पर्याप्तता पर सवाल उठाए हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से धुन, बोल और पूर्ण संगीत ट्रैक बनाने वाले टूल भारतीय संगीतकारों और कंटेंट प्लेटफ़ॉर्मों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इन तकनीकों से फ़िल्मों, विज्ञापनों और डिजिटल मीडिया के लिए संगीत का तेज़ी से उत्पादन संभव हो रहा है, जिससे पारंपरिक संगीतकारों पर निर्भरता कम हो रही है।

कानून विशेषज्ञों और उद्योग संगठनों ने यह चिंता जताई है कि 2012 में अंतिम बार संशोधित भारतीय कॉपीराइट अधिनियम में मशीन‑सहायता से रचना के मामले में लेखकत्व की स्पष्ट परिभाषा नहीं है। इस अस्पष्टता से अधिकार, रॉयल्टी वितरण और उल्लंघन की जिम्मेदारी पर विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एआई‑निर्मित रचनाओं को समायोजित करने के लिए नियामक ढाँचे की समीक्षा का संकेत दिया है, परन्तु अभी तक कोई ठोस संशोधन घोषित नहीं किया गया है। हितधारक एक संतुलित नीति की माँग कर रहे हैं जो रचनाकारों के अधिकारों की रक्षा करते हुए एआई संगीत के विकास को प्रोत्साहित करे।

विधायी स्पष्टता के अभाव में संगीत निर्माताओं और तकनीकी कंपनियों को अधिकारों के आवंटन के लिए अनुबंधीय समझौतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस नीति‑विचार का परिणाम भारत के जीवंत मनोरंजन क्षेत्र में एआई‑संगीत के एकीकरण को निर्धारित करेगा।
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