📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
राशिफल
अहोई अष्टमी 2026: 1 नवंबर का शुभ मुहूर्त और तारा दर्शन समय
✍️ Aaj Tak
🗓 01 नव. 2026, 07:02 AM
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अहोई अष्टमी 1 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त, तारा दर्शन का समय और व्रत विधि की जानकारी आज तक ने दी है।
अहोई अष्टमी, जो देवी अहोई को समर्पित पारम्परिक हिन्दू पर्व है, 1 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। आज तक के अनुसार, व्रत सूर्योदय से शुरू होकर निर्धारित शाम के पूजा तक चलता है। मुख्य पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर के शुरुआती समय में निर्धारित किया गया है, जो उस दिन के चंद्र चरण और ग्रहों की स्थिति के साथ मेल खाता है।
रिपोर्ट में तारा दर्शन का सटीक समय भी बताया गया है, जो सूर्यास्त के बाद शुरू होकर चंद्रोदय तक चलता है। भक्तों को इस अवधि में आरती करने और निर्धारित मंत्रों का पाठ करने की सलाह दी गई है, जिससे आध्यात्मिक लाभ अधिकतम हो सके।
व्रत कथा, प्रसाद और पूजा क्रम सहित एक संक्षिप्त विधि मार्गदर्शिका भी प्रस्तुत की गई है। लेख में यह कहा गया है कि निर्धारित समय का पालन करने से पूजा की प्रभावशीलता बढ़ती है और परिवार की समृद्धि एवं कल्याण की कामनाएँ पूरी होती हैं।
मुख्य रूप से धार्मिक पहलू पर केंद्रित इस लेख में यह भी उल्लेख है कि भारत के कई मंदिर विशेष आयोजन करेंगे, और परिवारों को एक साथ व्रत रखने, व्रत कथा सुनाने और छोटे बच्चों को इस परिपाटी से परिचित कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
रिपोर्ट में तारा दर्शन का सटीक समय भी बताया गया है, जो सूर्यास्त के बाद शुरू होकर चंद्रोदय तक चलता है। भक्तों को इस अवधि में आरती करने और निर्धारित मंत्रों का पाठ करने की सलाह दी गई है, जिससे आध्यात्मिक लाभ अधिकतम हो सके।
व्रत कथा, प्रसाद और पूजा क्रम सहित एक संक्षिप्त विधि मार्गदर्शिका भी प्रस्तुत की गई है। लेख में यह कहा गया है कि निर्धारित समय का पालन करने से पूजा की प्रभावशीलता बढ़ती है और परिवार की समृद्धि एवं कल्याण की कामनाएँ पूरी होती हैं।
मुख्य रूप से धार्मिक पहलू पर केंद्रित इस लेख में यह भी उल्लेख है कि भारत के कई मंदिर विशेष आयोजन करेंगे, और परिवारों को एक साथ व्रत रखने, व्रत कथा सुनाने और छोटे बच्चों को इस परिपाटी से परिचित कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।