📷 चित्र स्रोत: The Free Press Journal (via NewsData)
देश
अहमदाबाद के व्यक्ति ने दिव्यांगता पर विजय पाकर आध्यात्मिक समुदाय की स्थापना की
✍️ The Free Press Journal
🗓 19 जून 2026, 10:53 AM
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अहमदाबाद के ओमगुरु ने जुवेनाइल रूमेटाइड आर्थराइटिस से उत्पन्न गंभीर दिव्यांगता से जूझते हुए अपने जीवन को बदला और एक आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त कर समाज सेवा में जुट गए।
अहमदाबाद के ओमगुरु का जीवन बचपन में जुवेनाइल रूमेटाइड आर्थराइटिस के कारण गंभीर शारीरिक दिव्यांगता का शिकार हो गया था। इन गंभीर बाधाओं के बावजूद, उन्होंने व्यक्तिगत और आध्यात्मिक विकास की राह पकड़ी।
एक जैन आचार्य के मार्गदर्शन में, ओमगुरु ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और यूपीएससी मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण की, जो उनके असाधारण लचीलेपन और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। अध्ययन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के इस दौर ने उनके भविष्य के कार्यों की नींव रखी।
बाद में उन्होंने 'ओंकार सम्प्रदाय' की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे अब समाज की निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। ओमगुरु की कहानी प्रेरणा का एक अनुपम उदाहरण है, जो दर्शाती है कि कैसे आध्यात्मिकता और उद्देश्य के प्रति समर्पण से प्रतिकूल परिस्थितियों पर विजय प्राप्त की जा सकती है, और यह हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है।
एक जैन आचार्य के मार्गदर्शन में, ओमगुरु ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और यूपीएससी मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण की, जो उनके असाधारण लचीलेपन और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। अध्ययन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के इस दौर ने उनके भविष्य के कार्यों की नींव रखी।
बाद में उन्होंने 'ओंकार सम्प्रदाय' की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे अब समाज की निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। ओमगुरु की कहानी प्रेरणा का एक अनुपम उदाहरण है, जो दर्शाती है कि कैसे आध्यात्मिकता और उद्देश्य के प्रति समर्पण से प्रतिकूल परिस्थितियों पर विजय प्राप्त की जा सकती है, और यह हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है।