📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / India Post, Government of India
मनोरंजन
अभिनेता सचिन जीत सिंह ने स्क्रिप्ट में प्रामाणिकता के लिए यूपी की जड़ों को दिया श्रेय
✍️ The Times of India
🗓 27 अग. 2026, 10:36 AM
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सचिन जीत सिंह ने टाईम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उत्तर प्रदेश में पली-बढ़ी उनकी पृष्ठभूमि उनके काम में सच्ची स्थानीय झलक लाती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक साक्षात्कार में अभिनेता‑लेखक सचिन जीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश से जुड़ी उनकी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि उनके स्क्रिप्ट में प्रामाणिक संवाद और सांस्कृतिक विवरण लाने का मुख्य कारण है। उन्होंने बताया कि राज्य की भाषा, रीति‑रिवाज़ और दैनिक जीवन में पले‑बढ़े होने से उन्हें ऐसा अनुभव मिलता है जो केवल शोध से नहीं मिल सकता।
सिंह ने कहा कि यह गहरी समझ उन्हें प्रदेश के पात्रों को अधिक विश्वसनीय रूप से चित्रित करने में मदद करती है, जिससे दर्शकों को स्थानीय संकेतों की पहचान होती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रामाणिकता केवल सही उच्चारण तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के सामाजिक ताने‑बाने और विचारधाराओं को भी प्रतिबिंबित करती है।
यह बयान भारतीय रचनाकारों के बीच एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहाँ वे अपनी क्षेत्रीय जड़ों को कहानी कहने में समाहित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को आकर्षित करने का प्रयास करते हैं। सिंह के ये विचार हाल ही में भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में उभरते आवाज़ों पर एक विशेष लेख में प्रकाशित हुए।
सिंह ने कहा कि यह गहरी समझ उन्हें प्रदेश के पात्रों को अधिक विश्वसनीय रूप से चित्रित करने में मदद करती है, जिससे दर्शकों को स्थानीय संकेतों की पहचान होती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रामाणिकता केवल सही उच्चारण तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के सामाजिक ताने‑बाने और विचारधाराओं को भी प्रतिबिंबित करती है।
यह बयान भारतीय रचनाकारों के बीच एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहाँ वे अपनी क्षेत्रीय जड़ों को कहानी कहने में समाहित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को आकर्षित करने का प्रयास करते हैं। सिंह के ये विचार हाल ही में भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में उभरते आवाज़ों पर एक विशेष लेख में प्रकाशित हुए।