📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anees Kodiyathur
मनोरंजन
अभिनेता प्रिथ्वीराज ने कहा, सिनेमा समाज को आकार देता है, पर वास्तविकता को दर्शाता है
✍️ The Indian Express
🗓 17 सित. 2026, 10:51 PM
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एक साक्षात्कार में प्रिथ्वीराज ने कहा कि सिनेमा समाज को प्रभावित करता है और साथ ही आज की वास्तविकताओं को दर्शाता है।
प्रसिद्ध मलयालम अभिनेता प्रिथ्वीराज सुकुमारन ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सिनेमा कोई निष्पक्ष माध्यम नहीं है; यह सार्वजनिक दृष्टिकोण और व्यवहार को सक्रिय रूप से आकार देता है। उन्होंने कहा कि फिल्मों में समाज के मानदंड, रुझान और यहाँ तक कि नीति‑विचारों को प्रभावित करने की शक्ति होती है।
साथ ही प्रिथ्वीराज ने यह तर्क दिया कि फिल्में अपने निर्माण के समय की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करती हैं। आज की कहानियाँ, पात्र और संवाद अनिवार्य रूप से भारत की आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थितियों को दर्शाते हैं।
अभिनेता के इस बयान से मनोरंजन उद्योग में फिल्म निर्माताओं की सामाजिक जिम्मेदारी पर चल रहे बहस पर प्रकाश पड़ता है। सिनेमा के दोनों – आकार देने और प्रतिबिंबित करने – पहलुओं को स्वीकार कर प्रिथ्वीराज ने भारतीय समाज पर इस माध्यम के द्विपक्षीय प्रभाव को रेखांकित किया।
साथ ही प्रिथ्वीराज ने यह तर्क दिया कि फिल्में अपने निर्माण के समय की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करती हैं। आज की कहानियाँ, पात्र और संवाद अनिवार्य रूप से भारत की आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थितियों को दर्शाते हैं।
अभिनेता के इस बयान से मनोरंजन उद्योग में फिल्म निर्माताओं की सामाजिक जिम्मेदारी पर चल रहे बहस पर प्रकाश पड़ता है। सिनेमा के दोनों – आकार देने और प्रतिबिंबित करने – पहलुओं को स्वीकार कर प्रिथ्वीराज ने भारतीय समाज पर इस माध्यम के द्विपक्षीय प्रभाव को रेखांकित किया।