📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Film Companion South
मनोरंजन
अभिनेता नानी ने पूछा, क्यों केवल दक्षिण भारतीय फ़िल्में ही ‘पैन‑इंडिया’ कहलाती हैं
✍️ The Indian Express
🗓 19 सित. 2026, 05:16 AM
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तेलुगु अभिनेता नानी ने इस बात पर सवाल उठाया कि केवल दक्षिण भारतीय फ़िल्मों को ही ‘पैन‑इंडिया’ कहा जाता है, जबकि हिन्दी हिट्स को ऐसा नहीं कहा जाता।
तेलुगु अभिनेता नानी ने हाल ही में एक साक्षात्कार में सवाल उठाया कि केवल दक्षिण भारतीय फ़िल्मों को ही ‘पैन‑इंडिया’ कहा जाता है, जबकि हिन्दी हिट्स को ऐसा नहीं कहा जाता।
उनके इस बयान ने भारतीय फिल्म उद्योग में क्षेत्रीय ब्रांडिंग और बाज़ार की धारणा पर चर्चा को जन्म दिया है। ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ’ जैसी फ़िल्मों को पैन‑इंडिया कहा जाता है, पर कई हिन्दी फ़िल्में भी देशव्यापी सफलता हासिल करती हैं, फिर भी उन्हें वही शब्द नहीं दिया जाता।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘पैन‑इंडिया’ टैग दक्षिण भारतीय सिनेमा की सीमा‑पर‑परिचय को उजागर करने की एक मार्केटिंग रणनीति हो सकती है, जबकि हिन्दी फ़िल्में पहले से ही व्यापक दर्शकों को आकर्षित करती रही हैं।
नानी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी फ़िल्म को उसके राष्ट्रीय प्रभाव के आधार पर पहचान मिलनी चाहिए, न कि केवल भाषा या क्षेत्र के आधार पर लेबलिंग से।
उनके इस बयान ने भारतीय फिल्म उद्योग में क्षेत्रीय ब्रांडिंग और बाज़ार की धारणा पर चर्चा को जन्म दिया है। ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ’ जैसी फ़िल्मों को पैन‑इंडिया कहा जाता है, पर कई हिन्दी फ़िल्में भी देशव्यापी सफलता हासिल करती हैं, फिर भी उन्हें वही शब्द नहीं दिया जाता।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘पैन‑इंडिया’ टैग दक्षिण भारतीय सिनेमा की सीमा‑पर‑परिचय को उजागर करने की एक मार्केटिंग रणनीति हो सकती है, जबकि हिन्दी फ़िल्में पहले से ही व्यापक दर्शकों को आकर्षित करती रही हैं।
नानी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी फ़िल्म को उसके राष्ट्रीय प्रभाव के आधार पर पहचान मिलनी चाहिए, न कि केवल भाषा या क्षेत्र के आधार पर लेबलिंग से।