📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Deendayal Port Authority, Kandla
बिज़नेस
एक्युरेसी शिपिंग को कंधला, गुजरात में कंटेनर फ्रेट स्टेशन के लिए एलओआई
✍️ Business Standard
🗓 12 सित. 2026, 12:49 PM
👁 11
एक्युरेसी शिपिंग को कंधला, गुजरात में कंटेनर फ्रेट स्टेशन बनाने के लिए एलओआई मिला है, जैसा कि बिजनेस स्टैंडर्ड ने बताया।
एक्युरेसी शिपिंग ने बताया कि उसे गुजरात के कंधला में कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) स्थापित करने के लिए एलओआई (Letter of Intent) जारी किया गया है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार यह एलओआई कंपनी की इस दिशा में इरादे को दर्शाता है, जिससे कंधला पोर्ट के साथ कंटेनराइज्ड माल का सुगम प्रबंधन संभव होगा।
प्रस्तावित CFS का उद्देश्य कंटेनर के डwell time को कम करना, माल के प्रवाह को तेज़ करना और पश्चिमी भारत में लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे केंद्र पोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ाने और अतिरिक्त निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विस्तृत प्रोजेक्ट टाइमलाइन और निवेश राशि अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है, पर यह एलओआई कंधला को व्यापार के मुख्य द्वार के रूप में मजबूत करने की दिशा में एक प्रमुख कदम माना जा रहा है, विशेषकर गुजरात और आस-पास के राज्यों के निर्यात‑आयातकों के लिए।
इस विकास से सहायक सेवाओं जैसे वेयरहाउसिंग, कस्टम क्लियरेंस और इंटीरियर ट्रांसपोर्टेशन में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आगे के चरण में सभी आवश्यक अनुमतियों को प्राप्त कर समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य शुरू हो सके।
प्रस्तावित CFS का उद्देश्य कंटेनर के डwell time को कम करना, माल के प्रवाह को तेज़ करना और पश्चिमी भारत में लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे केंद्र पोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ाने और अतिरिक्त निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विस्तृत प्रोजेक्ट टाइमलाइन और निवेश राशि अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है, पर यह एलओआई कंधला को व्यापार के मुख्य द्वार के रूप में मजबूत करने की दिशा में एक प्रमुख कदम माना जा रहा है, विशेषकर गुजरात और आस-पास के राज्यों के निर्यात‑आयातकों के लिए।
इस विकास से सहायक सेवाओं जैसे वेयरहाउसिंग, कस्टम क्लियरेंस और इंटीरियर ट्रांसपोर्टेशन में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आगे के चरण में सभी आवश्यक अनुमतियों को प्राप्त कर समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य शुरू हो सके।