अपराध
आयुष्मान भारत योजना के नाम पर जबलपुर यात्रा में ग्रामीणों को गुमराह कर एफआईआर दर्ज
शहपुरा तहसील में ग्रामीणों को निःशुल्क उपचार के झांसे में जबलपुर ले जाने के आरोप पर एफआईआर दर्ज, कलेक्टर के निर्देशन में संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
31 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 7 बजे, ग्राम पिपरिया माल एवं कौआझिर के कुछ ग्रामीणों को कुछ व्यक्तियों द्वारा स्वयं को जबलपुर स्थित सुखसागर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बताकर निःशुल्क इलाज एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद उन्हें वाहन क्रमांक एमपी 20 पीए 1209 एवं एमपी 20 एक्सई 2539 से जबलपुर ले जाया गया।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में एसडीएम शहपुरा और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्यवाही की। खंड चिकित्सा अधिकारी शहपुरा के माध्यम से वाहनों में सवार ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, और प्रारंभिक जांच में किसी भी मरीज में गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह गतिविधि जिला प्रशासन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुमति अथवा अनुशंसा के बिना की जा रही थी, तथा आयुष्मान भारत योजना के कार्ड एवं उपचार के नाम पर शासकीय योजना की राशि का दुरुपयोग हो सकता था। इस आधार पर थाना शहपुरा में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 61(2), 3(5) सहित अन्य प्रावधानों के तहत अपराध पंजीकृत किया गया है। प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक मनीराम मरावी को सौंपी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर ग्रामीणों को गुमराह करने अथवा योजनाओं के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा। ग्रामीणों से अपील की गई है कि निःशुल्क उपचार अथवा आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति के बहकावे में न आएं तथा ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में एसडीएम शहपुरा और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्यवाही की। खंड चिकित्सा अधिकारी शहपुरा के माध्यम से वाहनों में सवार ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, और प्रारंभिक जांच में किसी भी मरीज में गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह गतिविधि जिला प्रशासन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुमति अथवा अनुशंसा के बिना की जा रही थी, तथा आयुष्मान भारत योजना के कार्ड एवं उपचार के नाम पर शासकीय योजना की राशि का दुरुपयोग हो सकता था। इस आधार पर थाना शहपुरा में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 61(2), 3(5) सहित अन्य प्रावधानों के तहत अपराध पंजीकृत किया गया है। प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक मनीराम मरावी को सौंपी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर ग्रामीणों को गुमराह करने अथवा योजनाओं के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा। ग्रामीणों से अपील की गई है कि निःशुल्क उपचार अथवा आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति के बहकावे में न आएं तथा ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।