स्थानीय
आदर्शनगर-ए स्थित गीतादेवी अग्रवाल विद्यालय के बाहर कचरा फेंकने से छात्राओं का स्वास्थ्य संकट में
जिला मुख्यालय के आदर्शनगर-ए स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रवेशद्वार पर स्थानीय लोगों द्वारा कचरा फेंकने और उसे जलाने से वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय के आदर्शनगर-ए क्षेत्र में स्थित गीतादेवी अग्रवाल राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रवेशद्वार पर स्कूल के समीप रहने वाले लोगों द्वारा कचरा फेंका जा रहा है, जिससे विद्यालय का वातावरण गंदा और दूषित हो रहा है। स्थानीय निवासी रोजाना अपने घरों से निकला हुआ कचरा स्कूल के प्रवेशद्वार और चारदीवारी के आसपास ही छोड़ देते हैं। इस समस्या को लेकर विद्यालय प्रबंधन ने लोगों से कचरा न फेंकने का आग्रह भी किया, लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
समाचार की खास बात यह है कि स्कूल के प्रवेशद्वार के पास ही स्कूल की परिधि में आंगनबाड़ी भी संचालित है। स्थानीय लोगों द्वारा कचरे में आग लगाने की घटनाएं भी कई बार दर्ज की गई हैं। इस प्रथा के चलते विद्यालय के आसपास का वातावरण अत्यंत दूषित हो गया है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि ऐसे दूषित वातावरण में स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, जिस भामाशाह के नाम पर यह विद्यालय स्थापित है, वह भी इसी क्षेत्र में रहते हैं और वे एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
समाचार की खास बात यह है कि स्कूल के प्रवेशद्वार के पास ही स्कूल की परिधि में आंगनबाड़ी भी संचालित है। स्थानीय लोगों द्वारा कचरे में आग लगाने की घटनाएं भी कई बार दर्ज की गई हैं। इस प्रथा के चलते विद्यालय के आसपास का वातावरण अत्यंत दूषित हो गया है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि ऐसे दूषित वातावरण में स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, जिस भामाशाह के नाम पर यह विद्यालय स्थापित है, वह भी इसी क्षेत्र में रहते हैं और वे एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं।