आदर्श विद्या मंदिर में गांधी-शास्त्री जयंती धूमधाम से मनाई
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सत्य, अहिंसा और स्वच्छता का दिया संदेश, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए भजन, भाषण व सांस्कृतिक कार्यक्रम
मनोहरथाना। जिला। झालावाड़। आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत रूपेश जी गुरुजी एवं दिलीप जी गुरुजी ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की।
मंजू मेवाड़ा दीदी ने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवन एवं उनके विचारों से अवगत कराया तथा ‘तीन बंदरों’ के नैतिक संदेश को समझाया। राजकुमारी दीदी ने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, देशप्रेम एवं राष्ट्रसेवा में योगदान पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों ने गांधीजी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ एवं ‘रघुपति राघव राजा राम’ की मधुर प्रस्तुति दी। छात्र-छात्राओं ने देशसेवा, सत्य एवं अहिंसा पर आधारित भाषण, कविताएं एवं प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किए।
इस दौरान विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। वक्ताओं ने गांधीजी के सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों तथा शास्त्रीजी के ‘जय जवान, जय किसान’ के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उत्सव एवं जयंती प्रभारी कमलेश जी गुरुजी ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। समारोह का समापन मिष्ठान वितरण के साथ हुआ
मंजू मेवाड़ा दीदी ने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवन एवं उनके विचारों से अवगत कराया तथा ‘तीन बंदरों’ के नैतिक संदेश को समझाया। राजकुमारी दीदी ने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, देशप्रेम एवं राष्ट्रसेवा में योगदान पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों ने गांधीजी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ एवं ‘रघुपति राघव राजा राम’ की मधुर प्रस्तुति दी। छात्र-छात्राओं ने देशसेवा, सत्य एवं अहिंसा पर आधारित भाषण, कविताएं एवं प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किए।
इस दौरान विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। वक्ताओं ने गांधीजी के सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों तथा शास्त्रीजी के ‘जय जवान, जय किसान’ के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उत्सव एवं जयंती प्रभारी कमलेश जी गुरुजी ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। समारोह का समापन मिष्ठान वितरण के साथ हुआ