🔥 ट्रेंडिंग વડનગરમાં જન સેવા સંકલ્પ અભિયાન દ્વારા... एनआईए प्रमुख नई घर की तलाश में, स्रोतो... कबिनेट ने ग्रामीण भारत के लिए छोटा जलव... मियावाला MDDA पार्क में नैनिटल-स्टाइल... दिल्ली के शिक्षक पर पत्नी की हत्या का... प्रधानमंत्री मोदी ने दो नई दिल्ली मेट्...
17 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা

आत्मशुद्धि और धर्म आराधना के पर्व में नन्हे तपस्वी आदिव जैन ने रखा पहला उपवास

✍️ रिपोर्टर: Anuj jain 🗓 17 सित. 2026, 10:40 AM 👁 10
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

9 वर्षीय आदिव जैन ने किया पहला उपवास, दस लक्षण महापर्व में दिखा धर्म और तपस्या के प्रति उत्साह

मनोहर थाना, झालावाड़।
दिगम्बर जैन समाज के दस लक्षण महापर्व का शुभारंभ धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। दस दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। नगर के जैन मंदिरों में प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, पाठ एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी धार्मिक वातावरण के बीच 9 वर्षीय आदिव जैन पुत्र अंशुल जैन ने अपने जीवन का पहला उपवास रखकर तपस्या की ओर कदम बढ़ाया। बालक आदिव की इस तपस्या को लेकर परिजनों एवं समाजजनों में विशेष उत्साह और प्रसन्नता का माहौल है। छोटी उम्र में उपवास कर आदिव ने धर्म, संयम और आत्मसाधना के प्रति अपनी श्रद्धा का परिचय दिया।

पर्व के दौरान प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से पूजन किया जा रहा है। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन किया जाएगा। शाम को आरती, पाठ एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

इस अवसर पर पंडित जिनेंद्र जैन ने दस लक्षण महापर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व आत्मशुद्धि, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। दस लक्षण धर्म में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य की आराधना की जाती है।

समाजजनों ने आदिव जैन की पहली तपस्या की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में छोटी उम्र से ही धर्म, संस्कार और संयम की भावना विकसित होना समाज के लिए प्रेरणादायी है। दस लक्षण महापर्व के धार्मिक आयोजनों से नगर में श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
📲Get App