Health
आरा सदर अस्पताल में डॉक्टरों कि हड़ताल
आरा सदर अस्पताल में डॉक्टरों कि हड़ताल होने से स्वास्थ सेवा चरमरा गई है मरीज परेशान है
भोजपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
आरा सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा चरमराई, मरीज परेशान
आरा (भोजपुर)।भोजपुर जिले के आरा सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। हड़ताल मुख्य रूप से बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राज्यव्यापी आह्वान पर की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का बहिष्कार किया है। इसके कारण दूर-दराज से आने वाले सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है। इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है, लेकिन ओपीडी बंद होने से अस्पताल में भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल है।
अतीत में भी हो चुकी है हड़ताल
सूत्रों का कहना है कि आरा सदर अस्पताल में पहले भी स्थानीय प्रशासनिक विवादों और अन्य मांगों को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर जा चुके हैं। हर बार इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ता है।
मरीजों की बढ़ी परेशानी
सदर अस्पताल में दिखाने आए मरीजों ने बताया कि सुबह से पर्ची काउंटर पर लाइन में लगे हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं। प्राइवेट क्लीनिक में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गरीब मरीजों के लिए यह दोहरी मार है।
फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। मरीजों ने सरकार से जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कराकर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
आरा सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा चरमराई, मरीज परेशान
आरा (भोजपुर)।भोजपुर जिले केआरा सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। हड़ताल मुख्य रूप से बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राज्यव्यापी आह्वान पर की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का बहिष्कार किया है। इसके कारण दूर-दराज से आने वाले सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है। इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है, लेकिन ओपीडी बंद होने से अस्पताल में भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल है।
अतीत में भी हो चुकी है हड़ताल
सूत्रों का कहना है कि आरा सदर अस्पताल में पहले भी स्थानीय प्रशासनिक विवादों और अन्य मांगों को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर जा चुके हैं। हर बार इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ता है।
मरीजों की बढ़ी परेशानी*
सदर अस्पताल में दिखाने आए मरीजों ने बताया कि सुबह से पर्ची काउंटर पर लाइन में लगे हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं। प्राइवेट क्लीनिक में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गरीब मरीजों के लिए यह दोहरी मार है।
फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। मरीजों ने सरकार से जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कराकर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
*
*
आरा सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा चरमराई, मरीज परेशान
आरा (भोजपुर)।भोजपुर जिले के आरा सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। हड़ताल मुख्य रूप से बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राज्यव्यापी आह्वान पर की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का बहिष्कार किया है। इसके कारण दूर-दराज से आने वाले सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है। इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है, लेकिन ओपीडी बंद होने से अस्पताल में भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल है।
अतीत में भी हो चुकी है हड़ताल
सूत्रों का कहना है कि आरा सदर अस्पताल में पहले भी स्थानीय प्रशासनिक विवादों और अन्य मांगों को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर जा चुके हैं। हर बार इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ता है।
मरीजों की बढ़ी परेशानी
सदर अस्पताल में दिखाने आए मरीजों ने बताया कि सुबह से पर्ची काउंटर पर लाइन में लगे हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं। प्राइवेट क्लीनिक में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गरीब मरीजों के लिए यह दोहरी मार है।
फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। मरीजों ने सरकार से जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कराकर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
आरा सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा चरमराई, मरीज परेशान
आरा (भोजपुर)।भोजपुर जिले केआरा सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। हड़ताल मुख्य रूप से बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राज्यव्यापी आह्वान पर की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का बहिष्कार किया है। इसके कारण दूर-दराज से आने वाले सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है। इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है, लेकिन ओपीडी बंद होने से अस्पताल में भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल है।
अतीत में भी हो चुकी है हड़ताल
सूत्रों का कहना है कि आरा सदर अस्पताल में पहले भी स्थानीय प्रशासनिक विवादों और अन्य मांगों को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर जा चुके हैं। हर बार इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ता है।
मरीजों की बढ़ी परेशानी*
सदर अस्पताल में दिखाने आए मरीजों ने बताया कि सुबह से पर्ची काउंटर पर लाइन में लगे हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं। प्राइवेट क्लीनिक में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गरीब मरीजों के लिए यह दोहरी मार है।
फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। मरीजों ने सरकार से जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कराकर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
*
*