📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AAPPilibhit
राजनीति
AAP ने भाजपा पर पंजाब चुनाव में ड्रग तस्करों के झूठे संबंध दिखाने का आरोप लगाया
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 22 सित. 2026, 09:36 PM
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आम आदमी पार्टी ने कहा कि भाजपा पंजाब चुनाव से पहले पार्टी को ड्रग तस्करों से जोड़ने की साजिश रचा रही है।
दिल्ली में एक वरिष्ठ आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ड्रग तस्करों से झूठे संबंध दिखा कर पंजाब चुनाव से पहले पार्टी की छवि को धूमिल करने की साजिश रचा रही है। यह बयान एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान दिया गया, जहाँ उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया जो भाजपा अधिकारियों को नशीली दवाओं के नेटवर्क से जोड़ती हैं।
आप ने कहा कि ये संबंध पूरी तरह से बनावटी हैं और पंजाब में वोटरों को प्रभावित करने के लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जहाँ नशा मुद्दा चुनावी लड़ाई का मुख्य बिंदु बन चुका है। उन्होंने इन दावों के स्रोतों की पारदर्शी जांच की मांग की और कहा कि ऐसी चालें लोकतांत्रिक बहस को नुकसान पहुंचाती हैं।
भाजपा ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार नहीं किया, लेकिन इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक प्रेरित बताया। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि उनका कोई भी ड्रग‑संबंधित कार्य नहीं है और आप से नीतिगत चर्चा पर ध्यान देने को कहा।
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि यह टकराव दोनों दलों के बीच बढ़ती तनाव को दर्शाता है, क्योंकि पंजाब के चुनावी माहौल में दोनों ही कानून‑व्यवस्था के मुद्दे को प्रमुख बनाकर मतदाता समर्थन जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
अब तक किसी स्वतंत्र साक्ष्य ने ड्रग तस्करों के साथ भाजपा के जुड़ाव को सिद्ध नहीं किया है, और यह मुद्दा चुनाव से पहले की बहस में बना रहेगा।
आप ने कहा कि ये संबंध पूरी तरह से बनावटी हैं और पंजाब में वोटरों को प्रभावित करने के लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जहाँ नशा मुद्दा चुनावी लड़ाई का मुख्य बिंदु बन चुका है। उन्होंने इन दावों के स्रोतों की पारदर्शी जांच की मांग की और कहा कि ऐसी चालें लोकतांत्रिक बहस को नुकसान पहुंचाती हैं।
भाजपा ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार नहीं किया, लेकिन इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक प्रेरित बताया। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि उनका कोई भी ड्रग‑संबंधित कार्य नहीं है और आप से नीतिगत चर्चा पर ध्यान देने को कहा।
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि यह टकराव दोनों दलों के बीच बढ़ती तनाव को दर्शाता है, क्योंकि पंजाब के चुनावी माहौल में दोनों ही कानून‑व्यवस्था के मुद्दे को प्रमुख बनाकर मतदाता समर्थन जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
अब तक किसी स्वतंत्र साक्ष्य ने ड्रग तस्करों के साथ भाजपा के जुड़ाव को सिद्ध नहीं किया है, और यह मुद्दा चुनाव से पहले की बहस में बना रहेगा।