📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kashmir photographer
विज्ञान
भारत में 88 ग्लेशियर झीलें 6 राज्यों को खतरे में डालेंगी, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी
✍️ Bhaskar English
🗓 27 अग. 2026, 02:36 PM
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वैज्ञानिकों ने भारत में 88 ग्लेशियर झीलों की पहचान की है जो टूटने के खतरे में हैं, जिससे 2015 नेपाल आपदा जैसी बाढ़ और क्षति हो सकती है। छह राज्य सबसे अधिक जोखिम में हैं।
राष्ट्रीय जल संसाधन विकास केंद्र (NCWRD) के वैज्ञानिकों ने भारतीय हिमालय में 88 ग्लेशियर झीलों का मानचित्रण किया है, जो तेजी से बढ़ती और अस्थिर हो रही हैं।
यदि इन झीलों में से कोई फट गई तो तेज़ बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को नुकसान हो सकता है, जैसा कि 2015 में नेपाल में हुआ था।
सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख संघीय क्षेत्र हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने बाढ़‑प्रवण घाटियों में रहने वाले लोगों से निकासी योजनाएँ तैयार करने और झीलों के जल स्तर की निगरानी तेज़ करने का आग्रह किया है।
यदि इन झीलों में से कोई फट गई तो तेज़ बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को नुकसान हो सकता है, जैसा कि 2015 में नेपाल में हुआ था।
सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख संघीय क्षेत्र हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने बाढ़‑प्रवण घाटियों में रहने वाले लोगों से निकासी योजनाएँ तैयार करने और झीलों के जल स्तर की निगरानी तेज़ करने का आग्रह किया है।