📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
बिज़नेस
सर्वेक्षण: 78% शहरी भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर उत्साहित, रोज़गार और भ्रष्टाचार प्रमुख चिंताएँ
✍️ TOI India
🗓 18 जून 2026, 08:31 PM
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हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है कि शहरी भारतीयों का एक बड़ा बहुमत (78%) देश की आर्थिक संभावनाओं को लेकर आशावादी है, जो वैश्विक रुझानों के विपरीत है। हालाँकि, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार को लेकर चिंताएँ प्रमुख बनी हुई हैं।
एक व्यापक सर्वेक्षण से पता चला है कि 78% शहरी भारतीय देश की आर्थिक दिशा को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। यह आशावाद भारत को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के मुकाबले एक विशिष्ट स्थान पर रखता है।
आर्थिक स्थिति को लेकर व्याप्त आशावाद के बावजूद, सर्वेक्षण में शहरी आबादी के बीच महत्वपूर्ण चिंताओं को भी उजागर किया गया है। बेरोज़गारी एक प्रमुख चिंता के रूप में उभरी है, जो कथित आर्थिक सुदृढ़ता और व्यक्तिगत रोज़गार सुरक्षा के बीच एक अंतर को दर्शाती है।
भ्रष्टाचार को भी शहरी भारतीयों के लिए चिंता का एक प्रमुख मुद्दा बताया गया है, जो सार्वजनिक भावना और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं पर इसके निरंतर प्रभाव को रेखांकित करता है।
आर्थिक स्थिति को लेकर व्याप्त आशावाद के बावजूद, सर्वेक्षण में शहरी आबादी के बीच महत्वपूर्ण चिंताओं को भी उजागर किया गया है। बेरोज़गारी एक प्रमुख चिंता के रूप में उभरी है, जो कथित आर्थिक सुदृढ़ता और व्यक्तिगत रोज़गार सुरक्षा के बीच एक अंतर को दर्शाती है।
भ्रष्टाचार को भी शहरी भारतीयों के लिए चिंता का एक प्रमुख मुद्दा बताया गया है, जो सार्वजनिक भावना और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं पर इसके निरंतर प्रभाव को रेखांकित करता है।