📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumitsurai
शिक्षा
नालंदा विश्वविद्यालय के 25वें सम्मेलन में 498 शोध पत्रों पर चर्चा, राज्यपाल ने कहा बिहार 'सेंटर ऑफ ग्रैविटी'
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 28 अक्टू. 2026, 04:16 PM
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नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित 25वें अंतरराष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान सम्मेलन में 498 शोध पत्रों पर चर्चा हुई, और राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बिहार को भारत का 'सेंटर ऑफ ग्रैविटी' कहा।
नालंदा विश्वविद्यालय ने अपना 25वाँ अंतरराष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान सम्मेलन समाप्त किया, जिसमें कुल 498 शोध पत्रों की प्रस्तुतियों और चर्चाओं का आयोजन हुआ। 26 देशों के प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर इसकी वैश्विक पहुँच और विश्वविद्यालय की अंतःविषय संवाद में भूमिका को उजागर किया।
समापन समारोह में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बिहार की प्रशंसा करते हुए इसे भारत का "सेंटर ऑफ ग्रैविटी" कहा और राज्य की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया। उनके इस बयान ने बिहार को अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक आकांक्षा को दर्शाया।
इतनी बड़ी संख्या में शोध पत्रों पर चर्चा और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता बिहार की शैक्षणिक प्रोफ़ाइल को सुदृढ़ करने का संकेत देती है। आयोजकों का लक्ष्य भविष्य में अधिक सहयोग स्थापित करना, अंतरराष्ट्रीय विद्वानों को आकर्षित करना और राज्य को ज्ञान सृजन के केंद्र के रूप में विकसित करना है।
समापन समारोह में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बिहार की प्रशंसा करते हुए इसे भारत का "सेंटर ऑफ ग्रैविटी" कहा और राज्य की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया। उनके इस बयान ने बिहार को अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक आकांक्षा को दर्शाया।
इतनी बड़ी संख्या में शोध पत्रों पर चर्चा और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता बिहार की शैक्षणिक प्रोफ़ाइल को सुदृढ़ करने का संकेत देती है। आयोजकों का लक्ष्य भविष्य में अधिक सहयोग स्थापित करना, अंतरराष्ट्रीय विद्वानों को आकर्षित करना और राज्य को ज्ञान सृजन के केंद्र के रूप में विकसित करना है।