📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Abhi1718
टेक्नोलॉजी
गुजरात में बुलेट ट्रेन के लिए 480 मीटर लंबा साबरमती पुल तैयार
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 04 अक्टू. 2026, 09:15 PM
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साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा, 36 मीटर ऊँचा आठ पिलर वाला पुल तैयार हो गया, जो गुजरात में बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रमुख प्रगति दर्शाता है।
गुजरात में बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा पुल तैयार हो गया है। यह पुल 36 मीटर ऊँचा है और आठ बड़े पिलरों पर स्थित है, जो उच्च गति वाली ट्रेन के मार्ग और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए निर्मित किया गया है।
यह संरचना मुंबई‑अहमदाबाद हाई‑स्पीड रेल लाइन के अहम हिस्से के रूप में कार्य करेगी, जिससे दो महानगरों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। गुजरात में कुल सिविल कार्यों का लगभग 70 % पूरा हो चुका है, जबकि ट्रैक बिछाना और सिग्नलिंग कार्य इस वर्ष के अंत तक शुरू होने की संभावना है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि इस पुल से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। बुलेट ट्रेन के चालू होने पर अहमदाबाद‑मुंबई यात्रा दो घंटे से कम समय में पूरी हो सकेगी, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों को लाभ होगा।
निर्माण के दौरान नदी के मौसमी प्रवाह और मिट्टी की स्थितियों जैसी चुनौतियों का सामना किया गया, पर आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और निरंतर निगरानी से पुल को सुरक्षा और टिकाऊपन के मानकों पर खरा उतारा गया।
पुल अब लोड टेस्टिंग चरण में है और राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को अंतिम एकीकरण के लिए सौंपा जाएगा।
यह संरचना मुंबई‑अहमदाबाद हाई‑स्पीड रेल लाइन के अहम हिस्से के रूप में कार्य करेगी, जिससे दो महानगरों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। गुजरात में कुल सिविल कार्यों का लगभग 70 % पूरा हो चुका है, जबकि ट्रैक बिछाना और सिग्नलिंग कार्य इस वर्ष के अंत तक शुरू होने की संभावना है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि इस पुल से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। बुलेट ट्रेन के चालू होने पर अहमदाबाद‑मुंबई यात्रा दो घंटे से कम समय में पूरी हो सकेगी, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों को लाभ होगा।
निर्माण के दौरान नदी के मौसमी प्रवाह और मिट्टी की स्थितियों जैसी चुनौतियों का सामना किया गया, पर आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और निरंतर निगरानी से पुल को सुरक्षा और टिकाऊपन के मानकों पर खरा उतारा गया।
पुल अब लोड टेस्टिंग चरण में है और राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को अंतिम एकीकरण के लिए सौंपा जाएगा।