📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sixflashphoto
अपराध
4 महीने की गर्भवती नाबालिग ने पिता के कर्ज चुकाने के लिए जबरन शादी का आरोप, मध्य प्रदेश में जांच शुरू
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 12 सित. 2026, 10:32 AM
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एक नाबालिग किशोरी, चार महीने की गर्भवती, पेट दर्द से जिला अस्पताल पहुंची और बताती है कि उसे पिता के कर्ज चुकाने के लिए जबरन शादी करवाई गई; बाल कल्याण समिति ने जांच शुरू कर दी है।
एक नाबालिग, जो चार महीने की गर्भवती है, पेट दर्द की शिकायत लेकर मध्य प्रदेश के एक जिला अस्पताल पहुँची। चिकित्सकीय जांच में गर्भावस्था का पता चला और वह अपनी स्थिति को अधिकारियों के सामने रखी।
उसके अनुसार, पिता के कर्ज को चुकाने के उद्देश्य से उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करवाई गई। वह बताती है कि यह जबरन विवाह उसके परिवार को आर्थिक राहत देने के लिए किया गया, जिससे नाबालिग के अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों का उल्लंघन हुआ।
किशोरी की शिकायत पर चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति ने मामले को दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है। दोनों एजेंसियां विवाह, कर्ज के दावे और संभावित बाल शोषण के पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए साक्ष्य इकट्ठा कर रही हैं।
प्राधिकरण ने याद दिलाया कि बाल विवाह भारतीय कानून के तहत प्रतिबंधित है और आर्थिक कारणों से नाबालिग को जबरन शादी में लाना आपराधिक अपराध माना जाता है। जांच के परिणामस्वरूप जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उसके अनुसार, पिता के कर्ज को चुकाने के उद्देश्य से उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करवाई गई। वह बताती है कि यह जबरन विवाह उसके परिवार को आर्थिक राहत देने के लिए किया गया, जिससे नाबालिग के अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों का उल्लंघन हुआ।
किशोरी की शिकायत पर चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति ने मामले को दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है। दोनों एजेंसियां विवाह, कर्ज के दावे और संभावित बाल शोषण के पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए साक्ष्य इकट्ठा कर रही हैं।
प्राधिकरण ने याद दिलाया कि बाल विवाह भारतीय कानून के तहत प्रतिबंधित है और आर्थिक कारणों से नाबालिग को जबरन शादी में लाना आपराधिक अपराध माना जाता है। जांच के परिणामस्वरूप जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।