📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PKharote
विदेश
नेपाल बाढ़ में 37 महाराष्ट्रियों को भारत भेजा, 60 अनजाने
✍️ Mid-Day
🗓 29 अग. 2026, 06:39 PM
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नेपाल में बाढ़ के कारण 37 महाराष्ट्रियों को भारत भेजा गया, जबकि 60 यात्रियों की तलाश जारी है।
भारी मानसून की बारिशों ने नेपाल के कई जिलों में तेज़ बाढ़ ला दी है, जिससे सड़कों, पुलों और निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है। इस आपदा ने पर्यटन को बाधित कर दिया है और कई भारतीय यात्रियों को दूरस्थ क्षेत्रों में फँसा दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास और नेपाली आपदा राहत एजेंसियों के साथ मिलकर 37 यात्रियों को तुरंत भारत की सीमा तक पहुँचाने का प्रबंध किया। उन्हें सड़क काफिले और हेलीकॉप्टर के माध्यम से निकटतम भारतीय चेकपॉइंट पर ले जाया गया, जहाँ उन्हें चिकित्सा जांच और बुनियादी सहायता प्रदान की गई।
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि 60 अन्य महाराष्ट्रियों की स्थिति अभी भी अज्ञात है। नेपाल और भारत दोनों की खोज टीमें प्रभावित घाटियों में खोज कार्य जारी रखी हुई हैं, और परिवारों को दूतावास में लापता व्यक्तियों की सूचना देने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने बाढ़‑ग्रस्त क्षेत्रों में स्थिति स्थिर होने तक यात्रा न करने की चेतावनी भी जारी की है।
नेपाल ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों में आपातकाल की घोषणा की है और अंतरराष्ट्रीय सहायता का अनुरोध किया है। भारतीय आपदा‑राहत इकाइयों ने चल रहे बचाव और पुनर्वास कार्यों में अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास और नेपाली आपदा राहत एजेंसियों के साथ मिलकर 37 यात्रियों को तुरंत भारत की सीमा तक पहुँचाने का प्रबंध किया। उन्हें सड़क काफिले और हेलीकॉप्टर के माध्यम से निकटतम भारतीय चेकपॉइंट पर ले जाया गया, जहाँ उन्हें चिकित्सा जांच और बुनियादी सहायता प्रदान की गई।
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि 60 अन्य महाराष्ट्रियों की स्थिति अभी भी अज्ञात है। नेपाल और भारत दोनों की खोज टीमें प्रभावित घाटियों में खोज कार्य जारी रखी हुई हैं, और परिवारों को दूतावास में लापता व्यक्तियों की सूचना देने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने बाढ़‑ग्रस्त क्षेत्रों में स्थिति स्थिर होने तक यात्रा न करने की चेतावनी भी जारी की है।
नेपाल ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों में आपातकाल की घोषणा की है और अंतरराष्ट्रीय सहायता का अनुरोध किया है। भारतीय आपदा‑राहत इकाइयों ने चल रहे बचाव और पुनर्वास कार्यों में अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने का आश्वासन दिया है।