📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Belur Ashok from Secunderabad, India
स्थानीय
भोपाल में 35 साल का भूमि विवाद सुलझा, 20 करोड़ की जमीन से हटाया अतिक्रमण, बुजुर्ग महिला को मिला अधिकार
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 19 अग. 2026, 02:48 PM
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35 साल के मुक़ाबले के बाद, निशातपुरा, भोपाल में 20 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन से अतिक्रमण हटाकर 65 साल की उपासना जौहरी को उनका अधिकार वापस मिला।
भोपाल प्रशासन ने सोमवार को घोषणा की कि निशातपुरा क्षेत्र में चल रहा 35‑साल पुराना भूमि विवाद अब सुलझ गया है। लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य की इस जमीन से सभी अवैध अतिक्रमण हटाकर कानूनी स्वामित्व को 65‑साल की उपासना जौहरी के नाम किया गया है।
यह मामला तीन दशकों से चल रहा था, जिसमें उपासना जौहरी ने कई बार स्थानीय अधिकारियों से अपनी जमीन वापस करने की मांग की थी।
जिला अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, और सभी अवैध इमारतें ध्वस्त कर दी गईं। अब यह जमीन पूरी तरह से जौहरी की कानूनी संपत्ति मानी जाएगी।
नजदीकी निवासियों ने इस समाधान पर राहत व्यक्त की, यह मानते हुए कि यह निर्णय मध्य प्रदेश में समान विवादों के निपटारे के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
सरकार ने अतिक्रमण करने वालों को कोई मुआवजा नहीं दिया, बल्कि मुख्य रूप से सही मालिक को अधिकार वापस दिलाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
यह मामला तीन दशकों से चल रहा था, जिसमें उपासना जौहरी ने कई बार स्थानीय अधिकारियों से अपनी जमीन वापस करने की मांग की थी।
जिला अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, और सभी अवैध इमारतें ध्वस्त कर दी गईं। अब यह जमीन पूरी तरह से जौहरी की कानूनी संपत्ति मानी जाएगी।
नजदीकी निवासियों ने इस समाधान पर राहत व्यक्त की, यह मानते हुए कि यह निर्णय मध्य प्रदेश में समान विवादों के निपटारे के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
सरकार ने अतिक्रमण करने वालों को कोई मुआवजा नहीं दिया, बल्कि मुख्य रूप से सही मालिक को अधिकार वापस दिलाने पर ध्यान केंद्रित किया है।