📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suraj Digrase
धर्म
सागर के वाड़ा में 300 साल पुराना महालक्ष्मी मंदिर साल में दो बार खुलता है
✍️ Amar Ujala · Sagar
🗓 07 नव. 2026, 03:18 PM
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सागर के वाड़ा में स्थित 300 साल पुराना महालक्ष्मी मंदिर, माराठा काल की कोल्हापुर शैली को दर्शाता है और साल में दो प्रमुख त्योहारों पर ही सुबह से शाम तक खुला रहता है।
सागर जिले के वाड़ा में स्थित महालक्ष्मी मंदिर लगभग तीन शताब्दी पुराना है और माराठा काल में निर्मित हुआ था। इसकी वास्तुकला कोल्हापुर की पारम्परिक शैली को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें नक्काशीदार स्तम्भ और सजावटी गर्भगृह शामिल हैं।
अन्य अधिकांश मंदिरों के विपरीत, यह मंदिर केवल दो प्रमुख त्योहारों पर ही खुलता है। इन दो अवसरों पर, मंदिर के द्वार सुबह से लेकर रात तक खुले रहते हैं, जिससे भक्तजन पूजा-अर्चना कर सकें।
इन सीमित दिनों में आसपास के गाँव‑शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे यह आयोजन स्थानीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन जाता है। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय अधिकारी इस ऐतिहासिक धरोहर की देखभाल में सतर्क रहते हैं, ताकि बार‑बार खुलने से इसकी संरचना को नुकसान न पहुँचे।
अधिकारियों का कहना है कि इस विशेष समय‑सारिणी से न केवल मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता उजागर होती है, बल्कि समुदाय की परम्पराओं के प्रति गहरी श्रद्धा भी स्पष्ट होती है।
अन्य अधिकांश मंदिरों के विपरीत, यह मंदिर केवल दो प्रमुख त्योहारों पर ही खुलता है। इन दो अवसरों पर, मंदिर के द्वार सुबह से लेकर रात तक खुले रहते हैं, जिससे भक्तजन पूजा-अर्चना कर सकें।
इन सीमित दिनों में आसपास के गाँव‑शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे यह आयोजन स्थानीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन जाता है। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय अधिकारी इस ऐतिहासिक धरोहर की देखभाल में सतर्क रहते हैं, ताकि बार‑बार खुलने से इसकी संरचना को नुकसान न पहुँचे।
अधिकारियों का कहना है कि इस विशेष समय‑सारिणी से न केवल मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता उजागर होती है, बल्कि समुदाय की परम्पराओं के प्रति गहरी श्रद्धा भी स्पष्ट होती है।