3 दिन के अवकाश के बाद खुली मंडी; भीड़ नियंत्रण और सुचारु व्यवस्था के लिए प्रशासन ने लिया निर्णय
लटेरी (विशेष संवाददाता राजेंद्र विश्वकर्मा):
कृषि उपज मंडी लटेरी में उपज लेकर पहुंच रहे किसानों की भारी भीड़ और लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए प्रशासन ने मेला ग्राउंड में नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीन दिनों के अवकाश के बाद मंडी खुलते ही गुरुवार सुबह से ही मेला ग्राउंड में उपज से भरे वाहनों का तांता लग गया।
प्रमुख बिंदु:
सुबह 9 बजे से जुटने लगे किसान:
गुरुवार सुबह 9 बजे से ही बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों में फसल लेकर मेला ग्राउंड पहुंचने लगे। देखते ही देखते पूरा परिसर उपज और वाहनों से भर गया।
इंतजार से बचने रात में ही डाला डेरा:
मंडी में सामान्य दिनों में भी उपज बेचने के लिए किसानों को 2 से 3 दिन तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ऐसे में कतार में आगे रहने और लंबी प्रतीक्षा से बचने के लिए कई किसान बीती रात से ही अपने वाहनों के साथ मेला ग्राउंड पहुंच गए थे और रात वहीं बिताकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे।
मेला ग्राउंड में नीलामी की वजह:
मंडी प्रांगण में जगह की कमी और किसानों की अतिरिक्त आवक को नियंत्रित करने के उद्देश्य से मेला ग्राउंड का उपयोग किया जा रहा है, ताकि यातायात बाधित न हो और नीलामी का कार्य सुचारु व पारदर्शी ढंग से संचालित किया जा सके।
राहत की उम्मीद:
प्रशासन द्वारा मेला ग्राउंड में नीलामी शुरू किए जाने से व्यवस्था को गति देने का प्रयास किया गया है। हालांकि, अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस वैकल्पिक व्यवस्था से किसानों को उपज तुलाई व बिक्री में वास्तविक रूप से कितनी राहत और गति मिलती है।
कृषि उपज मंडी लटेरी में उपज लेकर पहुंच रहे किसानों की भारी भीड़ और लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए प्रशासन ने मेला ग्राउंड में नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीन दिनों के अवकाश के बाद मंडी खुलते ही गुरुवार सुबह से ही मेला ग्राउंड में उपज से भरे वाहनों का तांता लग गया।
प्रमुख बिंदु:
सुबह 9 बजे से जुटने लगे किसान:
गुरुवार सुबह 9 बजे से ही बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों में फसल लेकर मेला ग्राउंड पहुंचने लगे। देखते ही देखते पूरा परिसर उपज और वाहनों से भर गया।
इंतजार से बचने रात में ही डाला डेरा:
मंडी में सामान्य दिनों में भी उपज बेचने के लिए किसानों को 2 से 3 दिन तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ऐसे में कतार में आगे रहने और लंबी प्रतीक्षा से बचने के लिए कई किसान बीती रात से ही अपने वाहनों के साथ मेला ग्राउंड पहुंच गए थे और रात वहीं बिताकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे।
मेला ग्राउंड में नीलामी की वजह:
मंडी प्रांगण में जगह की कमी और किसानों की अतिरिक्त आवक को नियंत्रित करने के उद्देश्य से मेला ग्राउंड का उपयोग किया जा रहा है, ताकि यातायात बाधित न हो और नीलामी का कार्य सुचारु व पारदर्शी ढंग से संचालित किया जा सके।
राहत की उम्मीद:
प्रशासन द्वारा मेला ग्राउंड में नीलामी शुरू किए जाने से व्यवस्था को गति देने का प्रयास किया गया है। हालांकि, अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस वैकल्पिक व्यवस्था से किसानों को उपज तुलाई व बिक्री में वास्तविक रूप से कितनी राहत और गति मिलती है।