📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Awasithiski
अपराध
बिलासपुर में 23 कामगारों को बांग्लादेशी होने का आरोप लगाकर हिरासत में
✍️ The Quint
🗓 09 सित. 2026, 11:33 AM
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने 23 कामगारों को बांग्लादेशी अवैध प्रवासी का आरोप लगाकर हिरासत में ले लिया, जिससे भाषा‑आधारित प्रोफ़ाइलिंग पर सवाल उठे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने 23 कामगारों को बांग्लादेशी अवैध प्रवासी होने के आरोप में हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई एक निर्माण स्थल पर हुई जाँच के दौरान की गई, जैसा कि स्थानीय अधिकारियों ने बताया।
गवाहों के अनुसार, जब पुलिस ने उन्हें रोका तो वे बंगाली भाषा में बात कर रहे थे, जिससे उन्हें विदेशी माना गया। इस घटना ने भाषा के आधार पर प्रोफ़ाइलिंग की संभावना को उजागर किया, जिससे "क्या बंगाली बोलना अपराध है?" जैसा सवाल उठ रहा है।
अब तक कोई औपचारिक आरोपपत्र जारी नहीं किया गया है और पुलिस ने इस गिरफ्तारी के कानूनी आधार को स्पष्ट नहीं किया है। अधिकार समूह और समुदाय के नेताओं ने पारदर्शिता की मांग की है, यह कहते हुए कि कार्रवाई केवल भाषा के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
इन 23 व्यक्तियों को अब भी पुलिस हिरासत में रखा गया है, जबकि जांच जारी है। उनके परिवार स्थिति की स्पष्टता और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी चाहते हैं।
गवाहों के अनुसार, जब पुलिस ने उन्हें रोका तो वे बंगाली भाषा में बात कर रहे थे, जिससे उन्हें विदेशी माना गया। इस घटना ने भाषा के आधार पर प्रोफ़ाइलिंग की संभावना को उजागर किया, जिससे "क्या बंगाली बोलना अपराध है?" जैसा सवाल उठ रहा है।
अब तक कोई औपचारिक आरोपपत्र जारी नहीं किया गया है और पुलिस ने इस गिरफ्तारी के कानूनी आधार को स्पष्ट नहीं किया है। अधिकार समूह और समुदाय के नेताओं ने पारदर्शिता की मांग की है, यह कहते हुए कि कार्रवाई केवल भाषा के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
इन 23 व्यक्तियों को अब भी पुलिस हिरासत में रखा गया है, जबकि जांच जारी है। उनके परिवार स्थिति की स्पष्टता और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी चाहते हैं।