📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Satdeep Gill
देश
रिशिकेश‑कर्णप्रयाग रेल लाइन पर 213 किमी में से 206 किमी सुरंग पूरी, 46 में से 40 ब्रेकथ्रू सफल
✍️ Swarajya
🗓 09 सित. 2026, 03:33 PM
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रिशिकेश‑कर्णप्रयाग रेल लाइन की 213 किमी की सुरंग निर्माण में अब तक 206 किमी पूरा हो चुका है, जिसमें 46 में से 40 ब्रेकथ्रू सफल हुए, स्वराज्य ने बताया।
उत्तarakhand में चल रहे ऋषिकेश‑कर्णप्रयाग रेल परियोजना के सबसे कठिन हिस्से – 213 किमी की लंबी सुरंग निर्माण में अब तक लगभग 206 किमी की खुदाई पूरी हो चुकी है, जिससे शेष कार्य बहुत कम बचा है।
कुल 46 ब्रेकथ्रू पॉइंट्स में से 40 सफलतापूर्वक हासिल किए जा चुके हैं, जिससे अधिकांश सुरंग मार्ग अब आगे के काम जैसे लाइनिंग और फिटिंग के लिए खुल गया है। इस गति को उन्नत टनल बोरिंग मशीनों और कई कार्यस्थलों के समन्वित प्रयासों को श्रेय दिया गया है।
यह रेल लाइन पूरी होने पर दो शहरों के बीच यात्रा समय को काफी घटा देगी और हिमालयी क्षेत्र में पर्यटन व माल ढुलाई को बढ़ावा देगी। परियोजना अधिकारियों ने अभी तक नया पूर्णता तिथि नहीं दी है, पर वर्तमान प्रगति से लक्ष्य समयसीमा बनी रह सकती है।
राज्य सरकार और भारतीय रेलवे सहित सभी हितधारक इस काम को बारीकी से देख रहे हैं ताकि पहाड़ी भूभाग में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। इस सुरंग कार्य को राज्य की बुनियादी ढांचा पहल की मुख्य सफलता माना जा रहा है।
कुल 46 ब्रेकथ्रू पॉइंट्स में से 40 सफलतापूर्वक हासिल किए जा चुके हैं, जिससे अधिकांश सुरंग मार्ग अब आगे के काम जैसे लाइनिंग और फिटिंग के लिए खुल गया है। इस गति को उन्नत टनल बोरिंग मशीनों और कई कार्यस्थलों के समन्वित प्रयासों को श्रेय दिया गया है।
यह रेल लाइन पूरी होने पर दो शहरों के बीच यात्रा समय को काफी घटा देगी और हिमालयी क्षेत्र में पर्यटन व माल ढुलाई को बढ़ावा देगी। परियोजना अधिकारियों ने अभी तक नया पूर्णता तिथि नहीं दी है, पर वर्तमान प्रगति से लक्ष्य समयसीमा बनी रह सकती है।
राज्य सरकार और भारतीय रेलवे सहित सभी हितधारक इस काम को बारीकी से देख रहे हैं ताकि पहाड़ी भूभाग में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। इस सुरंग कार्य को राज्य की बुनियादी ढांचा पहल की मुख्य सफलता माना जा रहा है।