Politics
2 परिवारों का एक गांव, सिर्फ 12 वोटर्स के लिए पोलिंग बूथ! 📍 नागौर का सारगांवास: सरकारी कागजों में गांव, धरातल पर सिर्फ एक गली! राजस्थान
2 परिवारों के 12 मतदाता रहते हैं। खास बात यह है कि इन 12 वोटर्स के मतदान के लिए
2 परिवारों का एक गांव, सिर्फ 12 वोटर्स के लिए पोलिंग बूथ!
📍 नागौर का सारगांवास: सरकारी कागजों में गांव, धरातल पर सिर्फ एक गली!
राजस्थान के नागौर जिले का सारगांवास गांव इन दिनों पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा में है। यहां महज 2 परिवारों के 12 मतदाता रहते हैं। खास बात यह है कि इन 12 वोटर्स के मतदान के लिए अलग से पोलिंग बूथ की व्यवस्था की गई है।
😮 कभी इस गांव में 60 मतदाता हुआ करते थे, लेकिन धीरे-धीरे ज्यादातर लोगों ने दूसरी पंचायत में अपना नाम जुड़वा लिया। अब गांव की आबादी एक गली तक सिमटकर रह गई है। बुनियादी सुविधाओं का अभाव ऐसा कि गांव की एकमात्र पानी की टंकी भी साल 1980 में बनी थी।
📢 हैरानी की बात यह है कि गांव गूगल मैप पर भी नजर नहीं आता और ग्रामीणों का कहना है कि वोट मांगने तक प्रत्याशी नहीं पहुंचते!
एक तरफ लोकतंत्र के इस महापर्व में हर वोट की अहमियत है, तो दूसरी तरफ सारगांवास जैसे गांवों की तस्वीर ग्रामीण विकास की हकीकत बयां करती है
📍 नागौर का सारगांवास: सरकारी कागजों में गांव, धरातल पर सिर्फ एक गली!
राजस्थान के नागौर जिले का सारगांवास गांव इन दिनों पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा में है। यहां महज 2 परिवारों के 12 मतदाता रहते हैं। खास बात यह है कि इन 12 वोटर्स के मतदान के लिए अलग से पोलिंग बूथ की व्यवस्था की गई है।
😮 कभी इस गांव में 60 मतदाता हुआ करते थे, लेकिन धीरे-धीरे ज्यादातर लोगों ने दूसरी पंचायत में अपना नाम जुड़वा लिया। अब गांव की आबादी एक गली तक सिमटकर रह गई है। बुनियादी सुविधाओं का अभाव ऐसा कि गांव की एकमात्र पानी की टंकी भी साल 1980 में बनी थी।
📢 हैरानी की बात यह है कि गांव गूगल मैप पर भी नजर नहीं आता और ग्रामीणों का कहना है कि वोट मांगने तक प्रत्याशी नहीं पहुंचते!
एक तरफ लोकतंत्र के इस महापर्व में हर वोट की अहमियत है, तो दूसरी तरफ सारगांवास जैसे गांवों की तस्वीर ग्रामीण विकास की हकीकत बयां करती है