📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Oliullah321
बिज़नेस
1991 के सुधारों ने भारत को कमी से पैमाने तक पहुँचाया
✍️ Business Standard
🗓 27 जुल. 2026, 03:07 PM
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भारत के 1991 के आर्थिक सुधारों ने देश को कमी-आधारित मॉडल से तेज़ी से बढ़ने वाले पैमाने तक पहुँचाया।
1991 में भारत ने व्यापक आर्थिक सुधारों की शुरुआत की, जिसने दशकों से चल रही संरक्षणवादी नीतियों को समाप्त किया और देश को वैश्विक बाजारों के लिए खोला। इस नए ढांचे ने प्रमुख उद्योगों पर राज्य नियंत्रण कम किया, आयात शुल्क घटाए और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को प्रोत्साहित किया।
सुधारों ने विनिमय दरों को भी लचीला बनाया और मौद्रिक नीति को अधिक अनुकूल बनाया, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण तैयार हुआ। आने वाले दशकों में भारत का जीडीपी लगातार बढ़ा और देश वैश्विक व्यापार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरा।
हालांकि परिवर्तन में चुनौतियाँ थीं, 1991 के सुधारों ने भारत को कमी से पैमाने तक पहुँचाने की नींव रखी, और आज यह विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ते प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
सुधारों ने विनिमय दरों को भी लचीला बनाया और मौद्रिक नीति को अधिक अनुकूल बनाया, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण तैयार हुआ। आने वाले दशकों में भारत का जीडीपी लगातार बढ़ा और देश वैश्विक व्यापार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरा।
हालांकि परिवर्तन में चुनौतियाँ थीं, 1991 के सुधारों ने भारत को कमी से पैमाने तक पहुँचाने की नींव रखी, और आज यह विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ते प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।