📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
राजनीति
1952 में पोट्टी सीरारामुलु का भूख हड़ताल, तेलंगाना राज्य आंदोलन की शुरुआत
✍️ The Hindu
🗓 22 जुल. 2026, 07:06 PM
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1952 में पोट्टी सीरारामुलु की 66‑दिन की भूख हड़ताल, अलग तेलंगाना राज्य की मांग पर, उनके निधन के साथ समाप्त हुई और 2014 में तेलंगाना के गठन का मार्ग प्रशस्त किया।
जुलाई 1952 में, पोट्टी सीरारामुलु, हैदराबाद राज्य के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, तेलंगाना क्षेत्र के लिए अलग राज्य की मांग पर 66‑दिन की भूख हड़ताल शुरू की। इस हड़ताल ने पूरे देश में व्यापक ध्यान आकर्षित किया। 15 जुलाई को, अपनी शक्ति समाप्त होने के बाद, सीरारामुलु हैदराबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया।
उनकी मृत्यु ने तेलंगाना और आस-पास के इलाकों में व्यापक विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया। सार्वजनिक आक्रोश ने भारतीय सरकार को क्षेत्र की प्रशासनिक स्थिति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया। अगले दशक में, इस आंदोलन को राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज ने समर्थन दिया।
इन प्रयासों का चरम 2014 में आया जब भारतीय संसद ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम पारित किया, जिससे तेलंगाना को भारत का 29वां राज्य बनाया गया। सीरारामुलु का बलिदान क्षेत्र के आत्म-शासन के संघर्ष का एक निर्णायक क्षण माना जाता है।
उनकी मृत्यु ने तेलंगाना और आस-पास के इलाकों में व्यापक विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया। सार्वजनिक आक्रोश ने भारतीय सरकार को क्षेत्र की प्रशासनिक स्थिति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया। अगले दशक में, इस आंदोलन को राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज ने समर्थन दिया।
इन प्रयासों का चरम 2014 में आया जब भारतीय संसद ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम पारित किया, जिससे तेलंगाना को भारत का 29वां राज्य बनाया गया। सीरारामुलु का बलिदान क्षेत्र के आत्म-शासन के संघर्ष का एक निर्णायक क्षण माना जाता है।