📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Faridkot Post
अपराध
फरीदकोट में 19 किसानों की गिरफ्तारी, कृषि तनाव में नया मोड़
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 06 सित. 2026, 06:33 PM
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पंजाब के फरीदकोट में पुलिस ने हालिया किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी मामलों में 19 किसानों को हिरासत में लिया, जिससे कृषि तनाव में नया मोड़ आया।
फरीदकोट पुलिस ने मंगलवार को 19 किसानों की गिरफ्तारी की घोषणा की, यह कहा गया कि वे हालिया कृषि प्रदर्शनों के दौरान कानून का उल्लंघन करने में संलिप्त थे। गिरफ्तारियों को फरीदकोट पुलिस स्टेशन में किया गया, जहाँ अधिकारियों ने बताया कि ये किसान अनधिकृत सभाओं में भाग लेने के कारण सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डाल रहे थे।
जिला पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य के प्रदर्शन नियमों को लागू करने और पंजाब के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव को रोकने के प्रयास का हिस्सा है। पुलिस ने विशिष्ट आरोपों का खुलासा नहीं किया, पर कहा कि किसानों को अवैध सभा और यातायात बाधा के लिए जांच का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय किसान नेताओं ने, जो उस समय उपस्थित नहीं थे, इस गिरफ्तारी को लेकर चिंता जताई और अधिकारियों से अपील की कि वे दंडात्मक कदमों के बजाय किसानों की मूलभूत मांगों पर ध्यान दें। बंधक या अदालत में पेशी के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यह घटना पंजाब के कृषि क्षेत्र में जारी कानून प्रवर्तन कदमों में एक नया अध्याय जोड़ती है, जहाँ नीति संबंधी मुद्दों पर किसान प्रदर्शन कभी‑कभी टकराव में बदल जाते हैं। अधिकारियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ किसान प्रतिनिधियों के साथ संवाद जारी रखने का वचन दिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य के प्रदर्शन नियमों को लागू करने और पंजाब के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव को रोकने के प्रयास का हिस्सा है। पुलिस ने विशिष्ट आरोपों का खुलासा नहीं किया, पर कहा कि किसानों को अवैध सभा और यातायात बाधा के लिए जांच का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय किसान नेताओं ने, जो उस समय उपस्थित नहीं थे, इस गिरफ्तारी को लेकर चिंता जताई और अधिकारियों से अपील की कि वे दंडात्मक कदमों के बजाय किसानों की मूलभूत मांगों पर ध्यान दें। बंधक या अदालत में पेशी के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यह घटना पंजाब के कृषि क्षेत्र में जारी कानून प्रवर्तन कदमों में एक नया अध्याय जोड़ती है, जहाँ नीति संबंधी मुद्दों पर किसान प्रदर्शन कभी‑कभी टकराव में बदल जाते हैं। अधिकारियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ किसान प्रतिनिधियों के साथ संवाद जारी रखने का वचन दिया है।