📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
पटना में 18 सांसदों ने बिहार म्यूजियम व खुदा बख्श लाइब्रेरी का दौरा, विरासत की प्रशंसा
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 25 अग. 2026, 10:32 AM
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पटना में 18 सांसदों की टोली ने बिहार म्यूजियम और खुदा बख्श लाइब्रेरी का भ्रमण किया, राज्य की हजारों साल पुरानी कला‑संस्कृति की सराहना की।
इस सप्ताह की शुरुआत में 18 सांसदों की एक टोली पटना पहुंची और बिहार म्यूजियम तथा खुदा बख्श लाइब्रेरी का विस्तृत भ्रमण किया। उन्हें प्राचीन कलाकृतियों, मूर्तियों और पेंटिंग्स की विस्तृत प्रदर्शनी देखी गई, जो बिहार के हजारों साल पुराने इतिहास को उजागर करती हैं।
सदस्यों ने राज्य की समृद्ध कला‑संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि इन प्रदर्शनों से बिहार की राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट होती है। लाइब्रेरी में रखे दुर्लभ पांडुलिपियों और अभिलेखों को भी देखा गया, जो शैक्षणिक विरासत की गहराई को दर्शाते हैं।
प्रसिद्ध लेखिका सुधा मूर्ति ने सांसदों से अनुरोध किया कि वे इस प्रकार के भ्रमण के लिए दो‑तीन दिन का समय निकालें, ताकि संग्रहों और दस्तावेज़ों को पूरी तरह समझा जा सके। उनके इस सुझाव को सांस्कृतिक संरक्षण के महत्व को दोहराने वाला माना गया।
यह दौरा नीति निर्माताओं की सांस्कृतिक संपदा के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है और भविष्य में बिहार में धरोहर संरक्षण व शैक्षिक पहल को सुदृढ़ करने की संभावनाओं को उजागर करता है।
सदस्यों ने राज्य की समृद्ध कला‑संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि इन प्रदर्शनों से बिहार की राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट होती है। लाइब्रेरी में रखे दुर्लभ पांडुलिपियों और अभिलेखों को भी देखा गया, जो शैक्षणिक विरासत की गहराई को दर्शाते हैं।
प्रसिद्ध लेखिका सुधा मूर्ति ने सांसदों से अनुरोध किया कि वे इस प्रकार के भ्रमण के लिए दो‑तीन दिन का समय निकालें, ताकि संग्रहों और दस्तावेज़ों को पूरी तरह समझा जा सके। उनके इस सुझाव को सांस्कृतिक संरक्षण के महत्व को दोहराने वाला माना गया।
यह दौरा नीति निर्माताओं की सांस्कृतिक संपदा के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है और भविष्य में बिहार में धरोहर संरक्षण व शैक्षिक पहल को सुदृढ़ करने की संभावनाओं को उजागर करता है।