📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Kranewitter, Vienna
अपराध
बारमेर BSF भर्ती में बोनस अंक के लिए जाली सर्टिफिकेट लगाने वाले 17 अभ्यर्थियों पर मामला
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 03 अक्टू. 2026, 10:00 AM
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राजस्थान के बारमेर में सीमा गृह रक्षा भर्ती‑2022 में बोनस अंक पाने हेतु जाली प्रमाण पत्र जमा करने वाले 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
राजस्थान के बारमेर में पुलिस ने सीमा गृह रक्षा (BSF) भर्ती‑2022 में बोनस अंक पाने के लिए जाली प्रमाण पत्र जमा करने वाले सत्रह अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दस्तावेज़ों की जाँच के दौरान यह धोखाधड़ी उजागर हुई।
एफआईआर के अनुसार, इन उम्मीदवारों ने शैक्षणिक और सेवा संबंधी नकली प्रमाण पत्रों का प्रयोग करके उन बोनस अंकों को प्राप्त करने की कोशिश की, जो खेल, पूर्व सेवा आदि के वास्तविक उपलब्धियों के लिए दी जाती हैं। इस प्रकार उन्होंने मेरिट सूची में अपना स्थान बढ़ाने की कोशिश की।
जाँच में जाली दस्तावेज़ जब्त कर फोरेंसिक लैब को भेजे गए हैं। अभियुक्तों पर भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश के आरोप लगाए गए हैं। दोषी ठहराए जाने पर उन्हें जेल, जुर्माना और भविष्य में भर्ती से प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
सीमा गृह रक्षा ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी उम्मीदवारों से प्रामाणिक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। इसी के साथ इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रियाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
वर्तमान में मामला जांच के अधीन है और फोरेंसिक परिणाम तथा न्यायालय के फैसले के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर के अनुसार, इन उम्मीदवारों ने शैक्षणिक और सेवा संबंधी नकली प्रमाण पत्रों का प्रयोग करके उन बोनस अंकों को प्राप्त करने की कोशिश की, जो खेल, पूर्व सेवा आदि के वास्तविक उपलब्धियों के लिए दी जाती हैं। इस प्रकार उन्होंने मेरिट सूची में अपना स्थान बढ़ाने की कोशिश की।
जाँच में जाली दस्तावेज़ जब्त कर फोरेंसिक लैब को भेजे गए हैं। अभियुक्तों पर भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश के आरोप लगाए गए हैं। दोषी ठहराए जाने पर उन्हें जेल, जुर्माना और भविष्य में भर्ती से प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
सीमा गृह रक्षा ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी उम्मीदवारों से प्रामाणिक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। इसी के साथ इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रियाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
वर्तमान में मामला जांच के अधीन है और फोरेंसिक परिणाम तथा न्यायालय के फैसले के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।