📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown painter
देश
164 साल पहले: आखिरी मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर का निधन
✍️ Devdiscourse
🗓 08 नव. 2026, 02:48 AM
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बिल्कुल 164 साल पहले, मुगल वंश के आखिरी सम्राट बहादुर शाह जफर ने निर्वासन में अंतिम सांस ली। उनका जीवन मुगल काल के दुखद अंत का एक प्रतीक बना हुआ है।
आज से ठीक 164 साल पहले, मुगल साम्राज्य के अंतिम शासक बहादुर शाह जफर ने अंतिम सांस ली। 1857 के क्रांति में उनकी भूमिका और उनकी कविताओं के लिए जाने जाने वाले इस सम्राट का निधन रंगून (अब यंगून), म्यांमार में निर्वासन के दौरान हुआ था।
मुगल सम्राट की मृत्यु ने उस वंश के अंत को निश्चित रूप से दर्शाया, जिसने भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े हिस्से पर दो शताब्दियों से अधिक समय तक शासन किया था। उनका जीवन गहरे दर्द और त्रासदी का प्रतीक माना जाता है, जो ब्रिटिश साम्राज्यवाद के सामने मुगल शक्ति के पतन को दर्शाता है।
इतिहासकार और साहित्य प्रेमियों ने जफार को केवल एक राजनीतिक आकृति के रूप में नहीं, बल्कि उर्दू और फारसी में छंदों के रचयिता के रूप में याद किया है। उनका विरासत भारतीय सांस्कृतिक स्मृति में बना हुआ है, जो एक बीते हुए युग की धैर्यशीलता और शोक का प्रतीक है।
'दो गज जमीन' का वाक्य अक्सर उनके अंतिम दिनों से जुड़ा हुआ है, जो उनके पूर्व के साम्राज्यिक महिमा और निर्वासन में उनके सीमित, बंद जीवन के बीच के तीव्र अंतर को उजागर करता है।
मुगल सम्राट की मृत्यु ने उस वंश के अंत को निश्चित रूप से दर्शाया, जिसने भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े हिस्से पर दो शताब्दियों से अधिक समय तक शासन किया था। उनका जीवन गहरे दर्द और त्रासदी का प्रतीक माना जाता है, जो ब्रिटिश साम्राज्यवाद के सामने मुगल शक्ति के पतन को दर्शाता है।
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'दो गज जमीन' का वाक्य अक्सर उनके अंतिम दिनों से जुड़ा हुआ है, जो उनके पूर्व के साम्राज्यिक महिमा और निर्वासन में उनके सीमित, बंद जीवन के बीच के तीव्र अंतर को उजागर करता है।