अपराध
"15 साल के किशोर का खौफनाक खेल: खुद छिपा, फोन कर मांगी ₹10 लाख की फिरौती... कटिहार पुलिस ने चंद घंटों में किया भंडाफोड़!"
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"15 साल के किशोर का खौफनाक खेल: खुद छिपा, फोन कर मांगी ₹10 लाख की फिरौती... कटिहार पुलिस ने चंद घंटों में किया भंडाफोड़!"
कटिहार, 24 सितंबर: कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र में अपने ही परिजनों से पैसे ऐंठने के लिए खुद के अपहरण की झूठी साजिश रचने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक, कटिहार के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का पर्दाफाश कर लापता किशोर को सकुशल बरामद कर लिया है।
पूरा मामला विस्तार से:
घर से हुआ था लापता: ग्राम फुलडोभी (वार्ड संख्या 06) निवासी मनोज पोद्दार का 15 वर्षीय पुत्र अमित कुमार 22 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे बाइक और मोबाइल लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
₹10 लाख की फिरौती की मांग: किशोर के ही मोबाइल से उसके भाई के फोन पर मैसेज भेजकर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई तथा 5,000 रुपये तत्काल भेजने को कहा गया। परिजनों द्वारा 23 सितंबर को फलका थाने को इसकी सूचना दी गई।
पुलिस की SIT टीम का एक्शन: मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार एसपी के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई।
ऐसे खुला राज: टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय आसूचना की मदद से किशोर को उसकी बाइक और मोबाइल सहित सकुशल ढूंढ निकाला।
नादानी का कबूलनामा: पूछताछ में किशोर ने स्वीकार किया कि वह अपने पिता से पैसे लेने के उद्देश्य से खुद छिपा हुआ था और परिजनों को दिग्भ्रमित करने के लिए अपने मोबाइल से मैसेज व कॉल कर फिरौती की मांग कर रहा था।
परिजनों को सौंपा गया किशोर:
सच्चाई सामने आने के बाद किशोर के पिता और परिजनों ने उसकी नादानी को क्षमा करते हुए कोई कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर किशोर को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पूरा मामला विस्तार से:
घर से हुआ था लापता: ग्राम फुलडोभी (वार्ड संख्या 06) निवासी मनोज पोद्दार का 15 वर्षीय पुत्र अमित कुमार 22 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे बाइक और मोबाइल लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
₹10 लाख की फिरौती की मांग: किशोर के ही मोबाइल से उसके भाई के फोन पर मैसेज भेजकर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई तथा 5,000 रुपये तत्काल भेजने को कहा गया। परिजनों द्वारा 23 सितंबर को फलका थाने को इसकी सूचना दी गई।
पुलिस की SIT टीम का एक्शन: मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार एसपी के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई।
ऐसे खुला राज: टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय आसूचना की मदद से किशोर को उसकी बाइक और मोबाइल सहित सकुशल ढूंढ निकाला।
नादानी का कबूलनामा: पूछताछ में किशोर ने स्वीकार किया कि वह अपने पिता से पैसे लेने के उद्देश्य से खुद छिपा हुआ था और परिजनों को दिग्भ्रमित करने के लिए अपने मोबाइल से मैसेज व कॉल कर फिरौती की मांग कर रहा था।
परिजनों को सौंपा गया किशोर:
सच्चाई सामने आने के बाद किशोर के पिता और परिजनों ने उसकी नादानी को क्षमा करते हुए कोई कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर किशोर को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।