📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gianluca Miscione
स्वास्थ्य
गुजरात में होच त्रासदी: 13 मौत, सरकार ने एंटीडोट की आपूर्ति तेज, अस्पताल इकाइयों को फिर से खोलने की तैयारी
✍️ India Today
🗓 24 अग. 2026, 06:33 PM
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गुजरात में अवैध शराब पीने से 13 लोगों की मौत, सरकार ने एंटीडोट की त्वरित आपूर्ति और बंद अस्पताल इकाइयों को फिर से खोलने का कदम उठाया।
गुजरात में अवैध शराब के सेवन से 13 लोगों की मौत हो गई, यह तथ्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि किया है। पीड़ितों को निजी समारोह में सेवन के बाद निकटतम अस्पतालों में ले जाया गया, परन्तु आपातकालीन उपचार के बावजूद कई लोग नहीं बच सके।
सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेथनॉल विषाक्तता के उपचार के लिए एंटीडोट की आपूर्ति तेज कर दी है और इसे सभी ज़िला अस्पतालों में उपलब्ध कराया है। एंटीडोट को केंद्रीय भंडार से पुनः भरकर मुफ्त में वितरित किया जाएगा।
इसके अलावा, पहले नवीनीकरण के कारण बंद रहे कई अस्पताल इकाइयों को फिर से खोलने का आदेश दिया गया है, जिससे अधिक बेड उपलब्ध हो सकें और गंभीर मामलों को निगरानी तथा डायलिसिस की सुविधा मिल सके। चिकित्सा कर्मियों को एंटीडोट के प्रयोग और विषाक्त शराब के लक्षणों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
सरकार ने जनता को अवैध शराब से बचने और संदिग्ध बिक्री की सूचना देने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। पुलिस ने इस होच के स्रोत की जांच शुरू कर दी है और अवैध डिस्टिलरी पर कड़ी कार्रवाई करने का इरादा जताया है।
यह घटना राज्य में अवैध शराब की समस्या और त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है।
सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेथनॉल विषाक्तता के उपचार के लिए एंटीडोट की आपूर्ति तेज कर दी है और इसे सभी ज़िला अस्पतालों में उपलब्ध कराया है। एंटीडोट को केंद्रीय भंडार से पुनः भरकर मुफ्त में वितरित किया जाएगा।
इसके अलावा, पहले नवीनीकरण के कारण बंद रहे कई अस्पताल इकाइयों को फिर से खोलने का आदेश दिया गया है, जिससे अधिक बेड उपलब्ध हो सकें और गंभीर मामलों को निगरानी तथा डायलिसिस की सुविधा मिल सके। चिकित्सा कर्मियों को एंटीडोट के प्रयोग और विषाक्त शराब के लक्षणों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
सरकार ने जनता को अवैध शराब से बचने और संदिग्ध बिक्री की सूचना देने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। पुलिस ने इस होच के स्रोत की जांच शुरू कर दी है और अवैध डिस्टिलरी पर कड़ी कार्रवाई करने का इरादा जताया है।
यह घटना राज्य में अवैध शराब की समस्या और त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है।