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धर्म
राजस्थान के 12-साल के बच्चे ने जैन दीक्षा ली, वैराग्य का मार्ग चुना
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 12 अक्टू. 2026, 09:01 PM
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राजस्थान के 12-साल के बच्चे ने जैन दीक्षा ली, सांसारिक जीवन से हटकर वैराग्य का मार्ग अपनाया।
राजस्थान के एक बारह‑साल के बच्चे ने जैन दीक्षा समारोह में आध्यात्मिक जीवन की ओर कदम बढ़ाया, जिससे वह सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर वैराग्य पथ अपनाएगा। स्थानीय रिपोर्टों में केवल उसके प्रथम नाम का उल्लेख है, और उसने जैन साधु के पाँच मुख्य व्रत—अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह—को अपनाने का संकल्प लिया।
दीक्षा समारोह राज्य के एक जैन मंदिर में आयोजित हुआ, जिसमें वरिष्ठ साधु, परिवार के सदस्य और कुछ भक्त शामिल थे। आयोजकों ने बताया कि बच्चे ने गहरी आध्यात्मिक इच्छा व्यक्त की और परिवार ने धार्मिक विद्वानों से परामर्श के बाद इस निर्णय का समर्थन किया।
स्थानीय जैन प्राधिकरण ने कहा कि इतनी कम उम्र में पूर्ण साधु व्रत लेना असामान्य है, पर विशेष परिस्थितियों में प्रारम्भिक दीक्षा की अनुमति है। अब वह आश्रम में रहकर ध्यान, शास्त्र अध्ययन और नैतिक अनुशासन की प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
यह घटना प्रदेश में व्यापक चर्चा का कारण बनी है, जो आधुनिक भारतीय समाज में वैराग्य परम्पराओं की निरंतर प्रासंगिकता को उजागर करती है।
दीक्षा समारोह राज्य के एक जैन मंदिर में आयोजित हुआ, जिसमें वरिष्ठ साधु, परिवार के सदस्य और कुछ भक्त शामिल थे। आयोजकों ने बताया कि बच्चे ने गहरी आध्यात्मिक इच्छा व्यक्त की और परिवार ने धार्मिक विद्वानों से परामर्श के बाद इस निर्णय का समर्थन किया।
स्थानीय जैन प्राधिकरण ने कहा कि इतनी कम उम्र में पूर्ण साधु व्रत लेना असामान्य है, पर विशेष परिस्थितियों में प्रारम्भिक दीक्षा की अनुमति है। अब वह आश्रम में रहकर ध्यान, शास्त्र अध्ययन और नैतिक अनुशासन की प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
यह घटना प्रदेश में व्यापक चर्चा का कारण बनी है, जो आधुनिक भारतीय समाज में वैराग्य परम्पराओं की निरंतर प्रासंगिकता को उजागर करती है।