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1134 करोड़ की वसूली याचिका खारिज: बिजली निगमों को झटका, उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा लापरवाही का बोझ
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बिजली निगमों को बड़ा झटका देते हुए 1134 करोड़ रुपये की वसूली की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि निगमों की लापरवाही का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा सकता।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बिजली निगमों की 1134 करोड़ रुपये की वसूली की याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले से बिजली निगमों को बड़ा झटका लगा है, वहीं उपभोक्ताओं को राहत मिली है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि निगमों की अपनी लापरवाही का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को नहीं भुगतना पड़ेगा।
यह याचिका बिजली निगमों द्वारा अपने कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए दायर की गई थी। निगमों का तर्क था कि कर्मचारियों की गलतियों से हुए घाटे की वसूली उपभोक्ताओं से की जानी चाहिए।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी संस्था की आंतरिक प्रबंधन की खामियों या कर्मचारियों की लापरवाही का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना न्यायसंगत नहीं है। यह फैसला उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह याचिका बिजली निगमों द्वारा अपने कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए दायर की गई थी। निगमों का तर्क था कि कर्मचारियों की गलतियों से हुए घाटे की वसूली उपभोक्ताओं से की जानी चाहिए।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी संस्था की आंतरिक प्रबंधन की खामियों या कर्मचारियों की लापरवाही का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना न्यायसंगत नहीं है। यह फैसला उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।