📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Laurie Jones aka ljonesimages on Flickr
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दिल्ली में पिछले तीन वर्षों में 1,133 इमारत ढहने की घटनाएँ दर्ज
✍️ News18
🗓 08 सित. 2026, 08:49 AM
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न्यूज़18 के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 2021‑2023 के बीच 1,133 इमारत ढहने की घटनाएँ दर्ज हुईं, जिससे आवास संकट के कारण सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
दिल्ली ने पिछले तीन वर्षों में कुल 1,133 इमारत ढहने की घटनाएँ दर्ज की हैं, जैसा कि न्यूज़18 की रिपोर्ट में बताया गया है। यह आँकड़ा 2021 से 2023 तक के समय‑अवधि को कवर करता है और राजधानी में संरचनात्मक विफलताओं की निरंतरता को दर्शाता है।
शहरी विश्लेषकों का मानना है कि शहर की तीव्र आवासीय कमी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है। किफ़ायती घरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तेज़ और अक्सर अनौपचारिक निर्माण, निर्माण मानकों में समझौता कर सकता है, जिससे ढहने का जोखिम बढ़ता है।
यह चिंताजनक आंकड़ा शहरी नियोजकों, सुरक्षा नियामकों और नागरिक समाज के समूहों के बीच मौजूदा निरीक्षण प्रणाली की प्रभावशीलता पर बहस को भड़का रहा है। आलोचक कहते हैं कि इमारत कोड के कड़ाई से पालन और नियमित ऑडिट आवश्यक हैं ताकि आगे की घटनाओं को रोका जा सके।
हालांकि अधिकारियों ने विस्तृत कार्य‑योजना अभी तक नहीं बताई है, यह डेटा आवास संकट और मौजूदा संरचनाओं की सुरक्षा दोनों को सुलझाने की तात्कालिकता को रेखांकित करता है।
शहरी विश्लेषकों का मानना है कि शहर की तीव्र आवासीय कमी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है। किफ़ायती घरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तेज़ और अक्सर अनौपचारिक निर्माण, निर्माण मानकों में समझौता कर सकता है, जिससे ढहने का जोखिम बढ़ता है।
यह चिंताजनक आंकड़ा शहरी नियोजकों, सुरक्षा नियामकों और नागरिक समाज के समूहों के बीच मौजूदा निरीक्षण प्रणाली की प्रभावशीलता पर बहस को भड़का रहा है। आलोचक कहते हैं कि इमारत कोड के कड़ाई से पालन और नियमित ऑडिट आवश्यक हैं ताकि आगे की घटनाओं को रोका जा सके।
हालांकि अधिकारियों ने विस्तृत कार्य‑योजना अभी तक नहीं बताई है, यह डेटा आवास संकट और मौजूदा संरचनाओं की सुरक्षा दोनों को सुलझाने की तात्कालिकता को रेखांकित करता है।