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वाराणसी में 'अनाम प्रेम' ने रेलवे, डाक और अस्पताल कर्मियों को शॉल, मिठाई भेंट कर किया सम्मानित
वाराणसी में 'अनाम प्रेम' नामक एक अनूठी पहल के तहत समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान रेलवे स्टेशन, डाकघर और अस्पताल के कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ और मिठाई भेंट की गई।
वाराणसी में 'अनाम प्रेम' नामक एक विशेष पहल के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस पहल के अंतर्गत रेलवे स्टेशन, डाकघर और अस्पताल सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ, मिठाई और 'अनाम प्रेम' के थैंक्सगिविंग कार्ड भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस पहल के तहत प्रत्येक विभाग में वहां के प्रमुख या संबंधित जिम्मेदार कर्मियों को सम्मानित किया गया। रेलवे स्टेशन पर विजयादशमी के अवसर पर पॉइंटमैन और गैंगमैन, राष्ट्रीय डाक दिवस पर डाकघर में पोस्टमास्टर तथा नवरात्री के अवसर पर अस्पताल में मैट्रन सहित विभिन्न विभागों के जिम्मेदार लोगों को सम्मान दिया गया। अस्पताल के सभी वार्डों में जाकर कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, हालांकि इसी कारण आईएमएच अस्पताल की तस्वीरें नहीं ली जा सकीं।
'अनाम प्रेम' को एक सतत बहती हुई ऊर्जा और जीवन प्रवाह के रूप में वर्णित किया गया है, जो किसी संस्था, एनजीओ या किसी विशेष विचारधारा से बंधा नहीं है। उनका विश्वास है कि 'आपका हृदय ही हमारा कार्यालय और ईश्वरीय प्रेम ही हमारी पूँजी है।' 'अनाम प्रेम' का उद्देश्य 'मानव का ईश्वरीयकरण और ईश्वर का मानवीयकरण' है, और इनके सभी कार्यक्रम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A में वर्णित मूल कर्तव्यों पर आधारित होते हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं के महत्व को बढ़ावा देना है। थैंक्सगिविंग कार्ड के माध्यम से विभिन्न अवसरों पर समाज के उन 'देवताओं' के प्रति प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है, जो अपने कार्यों से समाज की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रेम सिंचन के माध्यम से धन्यवाद का यह संदेश पहुंचाया जाता है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है और उनके कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
इस पहल के तहत प्रत्येक विभाग में वहां के प्रमुख या संबंधित जिम्मेदार कर्मियों को सम्मानित किया गया। रेलवे स्टेशन पर विजयादशमी के अवसर पर पॉइंटमैन और गैंगमैन, राष्ट्रीय डाक दिवस पर डाकघर में पोस्टमास्टर तथा नवरात्री के अवसर पर अस्पताल में मैट्रन सहित विभिन्न विभागों के जिम्मेदार लोगों को सम्मान दिया गया। अस्पताल के सभी वार्डों में जाकर कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, हालांकि इसी कारण आईएमएच अस्पताल की तस्वीरें नहीं ली जा सकीं।
'अनाम प्रेम' को एक सतत बहती हुई ऊर्जा और जीवन प्रवाह के रूप में वर्णित किया गया है, जो किसी संस्था, एनजीओ या किसी विशेष विचारधारा से बंधा नहीं है। उनका विश्वास है कि 'आपका हृदय ही हमारा कार्यालय और ईश्वरीय प्रेम ही हमारी पूँजी है।' 'अनाम प्रेम' का उद्देश्य 'मानव का ईश्वरीयकरण और ईश्वर का मानवीयकरण' है, और इनके सभी कार्यक्रम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A में वर्णित मूल कर्तव्यों पर आधारित होते हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं के महत्व को बढ़ावा देना है। थैंक्सगिविंग कार्ड के माध्यम से विभिन्न अवसरों पर समाज के उन 'देवताओं' के प्रति प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है, जो अपने कार्यों से समाज की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रेम सिंचन के माध्यम से धन्यवाद का यह संदेश पहुंचाया जाता है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है और उनके कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।