📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dave Pape
स्थानीय
शहडोल के गोहपारू में बाघ के हमले से चरवाहे की मौत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अक्टू. 2026, 09:00 AM
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शहडोल के गोहपारू में मवेशी चराते हुए चरवाहे पर बाघ ने हमला किया, वह मारा गया और अगली सुबह उसका शव मिला; ग्रामीणों ने वन विभाग पर चेतावनी न देने का आरोप लगाया।
शहडोल जिले के गोहपारू गांव के एक चरवाहे ने मवेशी चराने के लिए जंगल में कदम रखा, जहाँ बाघ ने अचानक हमला कर उसे मार डाला।
चरवाहे के लापता होने की सूचना मिलने पर गांव वालों और वन विभाग ने खोज कार्य शुरू किया। अगले दिन सुबह उनका शव जंगल के भीतर मिला, जिससे बाघ के हमले की पुष्टि हुई।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर आरोप लगाया कि बाघ की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त चेतावनी और गश्त नहीं की गई। उन्होंने विभाग से सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की मांग की।
वन विभाग ने बाघ की उपस्थिति की पुष्टि की और कहा कि घटना की पूरी जांच चल रही है तथा वन‑पशु संघर्ष को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना मध्य प्रदेश के उन क्षेत्रों में बढ़ते मानव‑वन्यजीव टकराव की ओर इशारा करती है, जहाँ बाघ के आवास कृषि और चराई क्षेत्रों के करीब हैं, और सामंजस्यपूर्ण coexistence के लिए त्वरित उपायों की जरूरत है।
चरवाहे के लापता होने की सूचना मिलने पर गांव वालों और वन विभाग ने खोज कार्य शुरू किया। अगले दिन सुबह उनका शव जंगल के भीतर मिला, जिससे बाघ के हमले की पुष्टि हुई।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर आरोप लगाया कि बाघ की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त चेतावनी और गश्त नहीं की गई। उन्होंने विभाग से सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की मांग की।
वन विभाग ने बाघ की उपस्थिति की पुष्टि की और कहा कि घटना की पूरी जांच चल रही है तथा वन‑पशु संघर्ष को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना मध्य प्रदेश के उन क्षेत्रों में बढ़ते मानव‑वन्यजीव टकराव की ओर इशारा करती है, जहाँ बाघ के आवास कृषि और चराई क्षेत्रों के करीब हैं, और सामंजस्यपूर्ण coexistence के लिए त्वरित उपायों की जरूरत है।