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पहली नवंबर से लागू होगी द्वि‑स्तरीय लेखा परीक्षण व्यवस्था, बिजली बिल में सुधार
लखनऊ में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने 1 नवंबर से डबल स्टेज ऑडिट लागू कर उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल सुनिश्चित करने का कदम उठाया।
लखनऊ—पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने 1 नवंबर से द्वि‑स्तरीय लेखा परीक्षण (डबल स्टेज ऑडिट) व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया, जिससे उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल मिलने की आशा है।
इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक बिल की दो स्तरों पर जाँच की जाएगी; पहली जाँच में प्रारम्भिक सत्यापन और दूसरी जाँच में स्वतंत्र ऑडिट टीम द्वारा पुनः परीक्षण किया जाएगा, जिससे ओवर‑बिलिंग समाप्त होगी।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बुधवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन रणवीर प्रसाद से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने 3.82 करोड़ प्रदेशीय उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल मिलने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रसाद ने बताया कि द्वि‑स्तरीय ऑडिट के बाद बिल उपभोक्ताओं को जारी किया जाएगा और यदि कोई डिस्कनेक्शन की तय तिथि है तो वह कनेक्शन नहीं काटेगा, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक कटौती से बचाया जा सकेगा।
इस कदम से प्रदेश में बिजली बिल संबंधी विवादों में कमी आने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत मिलने की संभावना है।
इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक बिल की दो स्तरों पर जाँच की जाएगी; पहली जाँच में प्रारम्भिक सत्यापन और दूसरी जाँच में स्वतंत्र ऑडिट टीम द्वारा पुनः परीक्षण किया जाएगा, जिससे ओवर‑बिलिंग समाप्त होगी।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बुधवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन रणवीर प्रसाद से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने 3.82 करोड़ प्रदेशीय उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल मिलने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रसाद ने बताया कि द्वि‑स्तरीय ऑडिट के बाद बिल उपभोक्ताओं को जारी किया जाएगा और यदि कोई डिस्कनेक्शन की तय तिथि है तो वह कनेक्शन नहीं काटेगा, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक कटौती से बचाया जा सकेगा।
इस कदम से प्रदेश में बिजली बिल संबंधी विवादों में कमी आने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत मिलने की संभावना है।