दीपावली पर मानवता की अनूठी मिसाल, मनोज तोमर ने दीयों से रोशन किया सोखना बिजलीघर
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जब अपनों के घरों में दीपावली की खुशियां मनाई जा रही थीं, तब बिजलीघर को भी रोशनी से सजाने का उठाया जिम्मा
जब अपनों के घरों में दीपावली की खुशियां मनाई जा रही थीं, तब बिजलीघर को भी रोशनी से सजाने का उठाया जिम्मा
हाथरस। दीपावली का पर्व केवल अपने घरों को रोशन करने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह दूसरों के जीवन में भी खुशियां और उजाला फैलाने का संदेश देता है। इसी भावना को साकार करते हुए सोखना बिजलीघर पर भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के जिला महासचिव मनोज तोमर जी ने मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और आपसी भाईचारे की एक सुंदर मिसाल पेश की।
दीपावली के पावन अवसर पर जब चारों ओर लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों को दीपों से सजा रहे थे, उसी दौरान मनोज तोमर जी ने सोखना बिजलीघर की ओर भी ध्यान दिया। उन्होंने महसूस किया कि बिजलीघर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर भी दीपावली की खुशियों की रोशनी होनी चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी ओर से दीपावली के दीपक जलाकर सोखना बिजलीघर को रोशनी से जगमगा दिया।
इस सराहनीय पहल में सोखना बिजलीघर के विद्युत कर्मचारियों की भी सहभागिता रही। बिजलीघर परिसर में दीपक जलने से वहां दीपावली जैसा सुंदर और खुशनुमा माहौल बन गया। चारों ओर जलते दीपकों ने न केवल परिसर की सुंदरता बढ़ाई, बल्कि वहां कार्य करने वाले कर्मचारियों के बीच भी त्योहार की खुशियां और अपनापन महसूस कराया।
मनोज तोमर जी की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी केवल अपने परिवार तक सीमित रहने में नहीं, बल्कि उन स्थानों और लोगों को भी खुशियों में शामिल करने में है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बिजली विभाग के कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके आम जनता के घरों तक रोशनी पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में दीपावली के अवसर पर उनके कार्यस्थल को भी दीपों से सजाना निश्चित रूप से सम्मान और अपनत्व की भावना को दर्शाता है।
मनोज तोमर जी ने अपने इस छोटे से प्रयास से एक बड़ी सीख दी कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े आयोजन या बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। कभी-कभी अपने स्तर से उठाया गया एक छोटा-सा कदम भी लोगों के दिलों में बड़ी जगह बना लेता है।
उनकी इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। यह कार्य केवल दीपक जलाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने मानवता, सेवा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दिया।
सच ही कहा गया है कि दीपक की पहचान उसकी कीमत से नहीं, बल्कि उसके द्वारा फैलाए गए उजाले से होती है। मनोज तोमर जी ने इस दीपावली पर सोखना बिजलीघर में दीप जलाकर इसी भावना को चरितार्थ किया।
हाथरस। दीपावली का पर्व केवल अपने घरों को रोशन करने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह दूसरों के जीवन में भी खुशियां और उजाला फैलाने का संदेश देता है। इसी भावना को साकार करते हुए सोखना बिजलीघर पर भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के जिला महासचिव मनोज तोमर जी ने मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और आपसी भाईचारे की एक सुंदर मिसाल पेश की।
दीपावली के पावन अवसर पर जब चारों ओर लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों को दीपों से सजा रहे थे, उसी दौरान मनोज तोमर जी ने सोखना बिजलीघर की ओर भी ध्यान दिया। उन्होंने महसूस किया कि बिजलीघर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर भी दीपावली की खुशियों की रोशनी होनी चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी ओर से दीपावली के दीपक जलाकर सोखना बिजलीघर को रोशनी से जगमगा दिया।
इस सराहनीय पहल में सोखना बिजलीघर के विद्युत कर्मचारियों की भी सहभागिता रही। बिजलीघर परिसर में दीपक जलने से वहां दीपावली जैसा सुंदर और खुशनुमा माहौल बन गया। चारों ओर जलते दीपकों ने न केवल परिसर की सुंदरता बढ़ाई, बल्कि वहां कार्य करने वाले कर्मचारियों के बीच भी त्योहार की खुशियां और अपनापन महसूस कराया।
मनोज तोमर जी की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी केवल अपने परिवार तक सीमित रहने में नहीं, बल्कि उन स्थानों और लोगों को भी खुशियों में शामिल करने में है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बिजली विभाग के कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके आम जनता के घरों तक रोशनी पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में दीपावली के अवसर पर उनके कार्यस्थल को भी दीपों से सजाना निश्चित रूप से सम्मान और अपनत्व की भावना को दर्शाता है।
मनोज तोमर जी ने अपने इस छोटे से प्रयास से एक बड़ी सीख दी कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े आयोजन या बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। कभी-कभी अपने स्तर से उठाया गया एक छोटा-सा कदम भी लोगों के दिलों में बड़ी जगह बना लेता है।
उनकी इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। यह कार्य केवल दीपक जलाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने मानवता, सेवा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दिया।
सच ही कहा गया है कि दीपक की पहचान उसकी कीमत से नहीं, बल्कि उसके द्वारा फैलाए गए उजाले से होती है। मनोज तोमर जी ने इस दीपावली पर सोखना बिजलीघर में दीप जलाकर इसी भावना को चरितार्थ किया।