अपराध
शिवपुरी के कलेक्टर ने आदतन अपराधियों को किया जिलाबदर, एक को थाने में रिपोर्टिंग का निर्देश
शिवपुरी के कलेक्टर अर्पित वर्मा ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक आदतन अपराधी को छह महीने के लिए जिलाबदर किया है। दूसरे अपराधी को थाना पोहरी में हर सोमवार रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया गया है।
शिवपुरी के कलेक्टर एवं जिला मजिस्टर अर्पित वर्मा (आईएएस) ने स्थानीय शांति व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से एक आदतन अपराधी को जिलाबदर करने का आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन ने विक्रम रावत, पुत्र गजराज सिंह रावत, निवासी ग्राम डेहरवारा, थाना तेंदुआ को छह महीने के लिए जिलाबदर किया है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार, उक्त व्यक्ति शिवपुरी के साथ ही आस-पास के ग्वालियर, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, दतिया और गुना जिलों की सीमाओं के भीतर प्रवेश नहीं कर पाएगा।
जिला प्रशासन ने यह कड़ी कार्रवाई इसलिए की है क्योंकि विक्रम रावत की आपराधिक गतिविधियों से क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। प्रशासन का उद्देश्य है कि इसी तरह के अपराधियों की गतिविधियों पर रोक लगाकर स्थानीय लोगों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित की जाए।
इसी कड़ी में, प्रशासन ने एक अन्य व्यक्ति, बन्ना पुत्र भूरा बंजारा, निवासी नयागांव बरईपुरा, थाना पोहरी को विशेष निगरानी में रखने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने बन्ना को छह महीने तक थाना प्रभारी पुलिस थाना पोहरी के समक्ष सप्ताह में एक दिन, यानी प्रत्येक सोमवार अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का कड़ा निर्देश दिया है।
निगरानी में रखे गए इस व्यक्ति को हर सोमवार अपने क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारी प्रशासन को देनी होगी। यह कदम इस बात की पुष्टि करता है कि जिला प्रशासन आदतन अपराधियों पर नजर रखे हुए है और किसी भी प्रकार की अपराधिक गतिविधि को बढ़ावा नहीं देने देगा।
जिला प्रशासन ने यह कड़ी कार्रवाई इसलिए की है क्योंकि विक्रम रावत की आपराधिक गतिविधियों से क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। प्रशासन का उद्देश्य है कि इसी तरह के अपराधियों की गतिविधियों पर रोक लगाकर स्थानीय लोगों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित की जाए।
इसी कड़ी में, प्रशासन ने एक अन्य व्यक्ति, बन्ना पुत्र भूरा बंजारा, निवासी नयागांव बरईपुरा, थाना पोहरी को विशेष निगरानी में रखने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने बन्ना को छह महीने तक थाना प्रभारी पुलिस थाना पोहरी के समक्ष सप्ताह में एक दिन, यानी प्रत्येक सोमवार अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का कड़ा निर्देश दिया है।
निगरानी में रखे गए इस व्यक्ति को हर सोमवार अपने क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारी प्रशासन को देनी होगी। यह कदम इस बात की पुष्टि करता है कि जिला प्रशासन आदतन अपराधियों पर नजर रखे हुए है और किसी भी प्रकार की अपराधिक गतिविधि को बढ़ावा नहीं देने देगा।