अपराध
शाबाश सीमा! गोली लगी, फिर भी नहीं मानी हार… 5 बदमाशों से अकेले भिड़ गई राजस्थान की बहादुर महिला!
4 लाख रुपये के गहने और नकदी लुटने से बच गए, हालांकि बदमाश ज्वेलर के गले से सोने की चेन
शाबाश सीमा! गोली लगी, फिर भी नहीं मानी हार… 5 बदमाशों से अकेले भिड़ गई राजस्थान की बहादुर महिला!
📍 जामडोली, जयपुर | राजस्थान
जहां 5 बदमाशों के सामने अच्छे-अच्छों के कदम डगमगा जाते, वहां सीमा ने अदम्य साहस दिखाकर इंसानियत और बहादुरी की मिसाल पेश कर दी
बुधवार रात दो ज्वेलर भाई दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी दो बाइकों पर आए 5 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और सरियों-डंडों से हमला कर गहनों व नकदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की।
तभी शोर सुनकर पास में रहने वाली सीमा बदमाशों से भिड़ गई और उन पर पत्थर बरसाने लगी। बदमाशों ने उसे रोकने के लिए फायरिंग कर दी। गोली सीमा के पैर में लगी, लेकिन उसका हौसला नहीं टूटा। घायल होने के बावजूद वह बदमाशों पर पत्थर फेंकती रही।
सीमा के साहस से करीब 4 लाख रुपये के गहने और नकदी लुटने से बच गए, हालांकि बदमाश ज्वेलर के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गए। घायल सीमा को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सलाम है सीमा के इस जज्बे को! जिस वक्त अपनी जान की परवाह किए बिना उसने दूसरों की मदद के लिए कदम बढ़ाया, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
ऐसी बहादुर महिलाओं को दिल से सलाम, जो मुश्किल वक्त में डर के आगे झुकने के बजाय हिम्मत से मुकाबला करती हैं।
सीमा के जल्द स्वस्थ होने की कामना करें। कमेंट में लिखें— “बहादुर सीमा को सलाम
📍 जामडोली, जयपुर | राजस्थान
जहां 5 बदमाशों के सामने अच्छे-अच्छों के कदम डगमगा जाते, वहां सीमा ने अदम्य साहस दिखाकर इंसानियत और बहादुरी की मिसाल पेश कर दी
बुधवार रात दो ज्वेलर भाई दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी दो बाइकों पर आए 5 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और सरियों-डंडों से हमला कर गहनों व नकदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की।
तभी शोर सुनकर पास में रहने वाली सीमा बदमाशों से भिड़ गई और उन पर पत्थर बरसाने लगी। बदमाशों ने उसे रोकने के लिए फायरिंग कर दी। गोली सीमा के पैर में लगी, लेकिन उसका हौसला नहीं टूटा। घायल होने के बावजूद वह बदमाशों पर पत्थर फेंकती रही।
सीमा के साहस से करीब 4 लाख रुपये के गहने और नकदी लुटने से बच गए, हालांकि बदमाश ज्वेलर के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गए। घायल सीमा को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सलाम है सीमा के इस जज्बे को! जिस वक्त अपनी जान की परवाह किए बिना उसने दूसरों की मदद के लिए कदम बढ़ाया, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
ऐसी बहादुर महिलाओं को दिल से सलाम, जो मुश्किल वक्त में डर के आगे झुकने के बजाय हिम्मत से मुकाबला करती हैं।
सीमा के जल्द स्वस्थ होने की कामना करें। कमेंट में लिखें— “बहादुर सीमा को सलाम