📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nilfanion
मौसम
1999 के ओडिशा सुपर साइक्लोन के बाद भारत ने चक्रवात तैयारी में सुधार किया
✍️ India Today
🗓 06 नव. 2026, 11:02 PM
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एक हालिया मूल्यांकन ने बताया कि 1999 के ओडिशा सुपर साइक्लोन के बाद भारत ने चक्रवात आपदा तैयारी में उल्लेखनीय सुधार किया है।
भारत की आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने 1999 के ओडिशा सुपर साइक्लोन से मिली सीख को आधार बनाकर चक्रवात तैयारी में व्यापक बदलाव किए हैं। नई रणनीति में समय पर चेतावनी जारी करना, राहत सामग्री की पूर्व व्यवस्था और संवेदनशील तटीय जिलों में सामूहिक निकासी अभ्यास शामिल हैं। राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर नियमित सिमुलेशन आयोजित किए जा रहे हैं ताकि प्रतिक्रिया क्षमता की जाँच और मौसम विज्ञान सेवाओं के साथ संचार को बेहतर बनाया जा सके।
इन बदलावों के परिणामस्वरूप हाल के चक्रवातों में निकासी का समय तेज़ और जीवन हानि कम हुई है, जैसा कि नवीनतम मूल्यांकन से पता चलता है। आधुनिक पूर्वानुमान तकनीक और जनजागरूकता कार्यक्रमों में निवेश ने तटीय जनसंख्या को अधिक लचीला बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षमता निर्माण, बुनियादी ढाँचे में सुधार और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय पर निरंतर ध्यान देना 1999 की कमियों से एक स्पष्ट बदलाव दर्शाता है। तैयारियों को बनाए रखने और और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर निगरानी और समय‑समय पर समीक्षा की योजना है।
इन बदलावों के परिणामस्वरूप हाल के चक्रवातों में निकासी का समय तेज़ और जीवन हानि कम हुई है, जैसा कि नवीनतम मूल्यांकन से पता चलता है। आधुनिक पूर्वानुमान तकनीक और जनजागरूकता कार्यक्रमों में निवेश ने तटीय जनसंख्या को अधिक लचीला बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षमता निर्माण, बुनियादी ढाँचे में सुधार और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय पर निरंतर ध्यान देना 1999 की कमियों से एक स्पष्ट बदलाव दर्शाता है। तैयारियों को बनाए रखने और और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर निगरानी और समय‑समय पर समीक्षा की योजना है।