📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Navy
रक्षा
गोवा शिपयार्ड ने नई ऑफ़शोर पॅट्रोल वेसल INS सृष्टि का लॉन्च किया
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🗓 28 अक्टू. 2026, 02:39 PM
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गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने उन्नत ऑफ़शोर पॅट्रोल वेसल INS सृष्टि को कमिशन किया, जिससे भारत की समुद्री सुरक्षा में नई प्रगति हुई।
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड, जो रक्षा मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का शिपबिल्डिंग यूनिट है, ने आधिकारिक तौर पर ऑफ़शोर पॅट्रोल वेसल (OPV) INS सृष्टि का लॉन्च किया। यह वेसल आधुनिक निगरानी और हथियार प्रणालियों से सुसज्जित एक अगली पीढ़ी का OPV बताया गया है।
INS सृष्टि का उद्देश्य भारतीय नौसेना और तट सुरक्षा बलों की तटीय सतह और विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में गश्त और निगरानी कार्यों को सुदृढ़ करना है। इसमें उन्नत हुल डिज़ाइन, एकीकृत ब्रिज सिस्टम और समुद्री डोमेन अवेयरनेस के लिए विभिन्न सेंसर शामिल हैं।
समारोह में वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी और रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने जहाज़ की एंटी‑पाइरेसी, आपदा राहत और व्यापक समुद्री सुरक्षा में भूमिका पर प्रकाश डाला। इस लॉन्च से गोवा शिपयार्ड की स्वदेशी युद्धपोत निर्माण में बढ़ती भागीदारी स्पष्ट होती है।
यह OPV स्वदेशी निर्मित पॅट्रोल वेसलों की बढ़ती शृंखला में जुड़ता है, जिसका उद्देश्य विदेशी प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भरता घटाना और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को सशक्त बनाना है।
INS सृष्टि के सक्रिय होने से भारतीय नौसेना को अरब सागर और व्यापक हिंद महासागर क्षेत्र में गश्त कवरेज में सुधार की उम्मीद है, जिससे उसकी रणनीतिक समुद्री उपस्थिति मजबूत होगी।
INS सृष्टि का उद्देश्य भारतीय नौसेना और तट सुरक्षा बलों की तटीय सतह और विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में गश्त और निगरानी कार्यों को सुदृढ़ करना है। इसमें उन्नत हुल डिज़ाइन, एकीकृत ब्रिज सिस्टम और समुद्री डोमेन अवेयरनेस के लिए विभिन्न सेंसर शामिल हैं।
समारोह में वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी और रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने जहाज़ की एंटी‑पाइरेसी, आपदा राहत और व्यापक समुद्री सुरक्षा में भूमिका पर प्रकाश डाला। इस लॉन्च से गोवा शिपयार्ड की स्वदेशी युद्धपोत निर्माण में बढ़ती भागीदारी स्पष्ट होती है।
यह OPV स्वदेशी निर्मित पॅट्रोल वेसलों की बढ़ती शृंखला में जुड़ता है, जिसका उद्देश्य विदेशी प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भरता घटाना और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को सशक्त बनाना है।
INS सृष्टि के सक्रिय होने से भारतीय नौसेना को अरब सागर और व्यापक हिंद महासागर क्षेत्र में गश्त कवरेज में सुधार की उम्मीद है, जिससे उसकी रणनीतिक समुद्री उपस्थिति मजबूत होगी।