Politics
विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवाल
विपक्षी दल, जो पहले वोटर लिस्ट में फर्जी नामों का दावा करते थे, अब चुनाव आयोग द्वारा नामों को हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। यह कार्रवाई कथित तौर पर फर्जी वोट बैंक पर हो रही है।
विपक्षी दल, जिन्होंने पहले मतदाता सूची में लाखों फर्जी नामों के होने का दावा किया था, अब चुनाव आयोग द्वारा उन नामों को हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब चुनाव आयोग मतदाता सूची को शुद्ध करने की दिशा में कदम उठा रहा है।
यह आरोप लगाया जा रहा है कि जिन दलों ने 2018 में तेलंगाना में 70 लाख, आंध्र प्रदेश में 50 लाख, राजस्थान में 42 लाख और केरल में लाखों फर्जी मतदाताओं के होने का दावा किया था, वे आज चुनाव आयोग की कार्रवाई पर बौखलाए हुए हैं। यह कदम वर्षों से चले आ रहे कथित फर्जी वोट बैंक पर की जा रही कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिसके कारण विपक्षी दल यह विरोध कर रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर कहा जा रहा है कि देश अब सच्चाई देख रहा है। एक ओर जहां तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक लाभ के लिए एक झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है।
यह आरोप लगाया जा रहा है कि जिन दलों ने 2018 में तेलंगाना में 70 लाख, आंध्र प्रदेश में 50 लाख, राजस्थान में 42 लाख और केरल में लाखों फर्जी मतदाताओं के होने का दावा किया था, वे आज चुनाव आयोग की कार्रवाई पर बौखलाए हुए हैं। यह कदम वर्षों से चले आ रहे कथित फर्जी वोट बैंक पर की जा रही कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिसके कारण विपक्षी दल यह विरोध कर रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर कहा जा रहा है कि देश अब सच्चाई देख रहा है। एक ओर जहां तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक लाभ के लिए एक झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है।