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उस मछली वाली कहानी के लिए Title: *"सुनहरी मछली और सूखता तालाब"* और अगर Short और Attractive चाहिए तो: *1. जो तैरता है, वही जीतता है* *2. डर के आगे किनारा है* *3. तालाब की हीरो*
एक थी सुनहरी मछली 🐟
एक छोटे से तालाब में एक सुनहरी मछली रहती थी। सब मछलियाँ उससे जलती थीं क्योंकि वो सबसे तेज़ तैरती थी।
एक दिन तालाब सूखने लगा। सब मछलियाँ रोने लगीं - "अब क्या होगा?"
सुनहरी मछली बोली - "रोने से पानी नहीं आएगा, रास्ता ढूंढो।"
वो अकेले तालाब से निकली, उछल-उछल कर नदी तक गई, और फिर पूरी नदी की मछलियों को बुला लाई। सबने मिलकर एक नहर खोदी, और तालाब फिर से भर गया।
सबने पूछा - "तुम्हें डर नहीं लगा?"
मछली हँसी - "डर तो सबको लगता है, पर जो डर के बाद भी तैरता है, वही किनारा पाता है।"
*1. रोने से कुछ नहीं होता, तैरने से होता है।*
तालाब सूख रहा था, सब रो रही थीं, एक ने रास्ता ढूंढा।
*2. तेज़ होना बड़ी बात नहीं, काम आना बड़ी बात है।*
वो सबसे तेज़ थी, पर इज्जत तब मिली जब सबके काम आई।
*3. डर सबको लगता है।*
फर्क बस इतना है, कोई डर के साथ रुक जाता है, कोई डर के साथ ही तैर लेता है।
*4. अकेले निकलो तो रास्ता बनता है।*
वो अकेले ही नदी तक गई थी, पीछे पूरी भीड़ आ गई।
*5. छोटा तालाब भी बड़ी सोच से बचता है।*
तालाब छोटा था पर उसकी सोच नदी तक की थी।
*6. जलने वाले तो जलेंगे, तैरने वाले तैरेंगे।*
बाकी मछलियाँ उससे जलती थीं, फिर भी उसी ने सबको बचाया।
*7. मदद मांगना कमजोरी नहीं, समझदारी है।*
उसने नदी वाली मछलियों से मदद मांगी, अकेले नहर नहीं खोदी।
*8. लीडर पैदा नहीं होता, बनता है।*
वो पैदा तो मछली ही हुई थी, लीडर तब बनी जब जिम्मेदारी ली।
*9. पानी कहीं नहीं जाता, रास्ता भूल जाता है।*
तालाब सूखा नहीं था, पानी का रास्ता बंद था। लाइफ में भी ऐसे ही है।
*10. जो सबका सोचता है, सब उसी का सोचते हैं।*
उसने पूरे तालाब को बचाया, फिर पूरा तालाब उसका हो गया।अरे बस करो यार, मछली थक जाएगीl
*11. उछलना पड़ेगा।*
तालाब से नदी तक जाने के लिए उसे जमीन पर उछलना पड़ा, बिना तकलीफ के कोई तालाब नहीं भरता।ठीक है आखिरी 3, फिर मछली को सोने देते हैं:अरे बस करो यार, मछली थक जाएगी 😂
*12. तेज़ तैरने से नहीं, सही दिशा में तैरने से किनारा मिलता है।*
*13. तालाब बचाने के लिए तालाब से बाहर आना पड़ता है।*
अंदर रहकर कोई सॉल्यूशन नहीं मिलता।
*14. छोटी मछली भी बड़ा काम कर सकती है।*
साइज से नहीं, हिम्मत से फर्क पड़ता है।
*15. कहानी खत्म नहीं होती, तालाब से नदी, नदी से समंदर।*
आज तालाब बचाया, कल समंदर देखेगी।
*16. जो पानी में रहकर पानी से डरे, वो मछली नहीं।*
*17. हर तालाब में एक सुनहरी मछली होती है, बस उसे पहचानना आना चाहिए।*
हो सकता है वो तुम ही हो।
एक छोटे से तालाब में एक सुनहरी मछली रहती थी। सब मछलियाँ उससे जलती थीं क्योंकि वो सबसे तेज़ तैरती थी।
एक दिन तालाब सूखने लगा। सब मछलियाँ रोने लगीं - "अब क्या होगा?"
सुनहरी मछली बोली - "रोने से पानी नहीं आएगा, रास्ता ढूंढो।"
वो अकेले तालाब से निकली, उछल-उछल कर नदी तक गई, और फिर पूरी नदी की मछलियों को बुला लाई। सबने मिलकर एक नहर खोदी, और तालाब फिर से भर गया।
सबने पूछा - "तुम्हें डर नहीं लगा?"
मछली हँसी - "डर तो सबको लगता है, पर जो डर के बाद भी तैरता है, वही किनारा पाता है।"
*1. रोने से कुछ नहीं होता, तैरने से होता है।*
तालाब सूख रहा था, सब रो रही थीं, एक ने रास्ता ढूंढा।
*2. तेज़ होना बड़ी बात नहीं, काम आना बड़ी बात है।*
वो सबसे तेज़ थी, पर इज्जत तब मिली जब सबके काम आई।
*3. डर सबको लगता है।*
फर्क बस इतना है, कोई डर के साथ रुक जाता है, कोई डर के साथ ही तैर लेता है।
*4. अकेले निकलो तो रास्ता बनता है।*
वो अकेले ही नदी तक गई थी, पीछे पूरी भीड़ आ गई।
*5. छोटा तालाब भी बड़ी सोच से बचता है।*
तालाब छोटा था पर उसकी सोच नदी तक की थी।
*6. जलने वाले तो जलेंगे, तैरने वाले तैरेंगे।*
बाकी मछलियाँ उससे जलती थीं, फिर भी उसी ने सबको बचाया।
*7. मदद मांगना कमजोरी नहीं, समझदारी है।*
उसने नदी वाली मछलियों से मदद मांगी, अकेले नहर नहीं खोदी।
*8. लीडर पैदा नहीं होता, बनता है।*
वो पैदा तो मछली ही हुई थी, लीडर तब बनी जब जिम्मेदारी ली।
*9. पानी कहीं नहीं जाता, रास्ता भूल जाता है।*
तालाब सूखा नहीं था, पानी का रास्ता बंद था। लाइफ में भी ऐसे ही है।
*10. जो सबका सोचता है, सब उसी का सोचते हैं।*
उसने पूरे तालाब को बचाया, फिर पूरा तालाब उसका हो गया।अरे बस करो यार, मछली थक जाएगीl
*11. उछलना पड़ेगा।*
तालाब से नदी तक जाने के लिए उसे जमीन पर उछलना पड़ा, बिना तकलीफ के कोई तालाब नहीं भरता।ठीक है आखिरी 3, फिर मछली को सोने देते हैं:अरे बस करो यार, मछली थक जाएगी 😂
*12. तेज़ तैरने से नहीं, सही दिशा में तैरने से किनारा मिलता है।*
*13. तालाब बचाने के लिए तालाब से बाहर आना पड़ता है।*
अंदर रहकर कोई सॉल्यूशन नहीं मिलता।
*14. छोटी मछली भी बड़ा काम कर सकती है।*
साइज से नहीं, हिम्मत से फर्क पड़ता है।
*15. कहानी खत्म नहीं होती, तालाब से नदी, नदी से समंदर।*
आज तालाब बचाया, कल समंदर देखेगी।
*16. जो पानी में रहकर पानी से डरे, वो मछली नहीं।*
*17. हर तालाब में एक सुनहरी मछली होती है, बस उसे पहचानना आना चाहिए।*
हो सकता है वो तुम ही हो।