उन्नाव में एससीआर के दायरे में आएंगे 300 गांव, 5 से 7 लाख ग्रामीण आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
उन्नाव में एससीआर के दायरे में आएंगे 300 गांव, 5 से 7 लाख ग्रामीण आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
उन्नाव के 300 गांवों की बदल सकती है तस्वीर! एससीआर में शामिल होने की तैयारी, 5 से 7 लाख लोगों को मिलेगा फायदा...
जिले के करीब 300 गांवों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के दायरे में शामिल करने की तैयारी चल रही है। अगर यह योजना लागू होती है तो उन्नाव की 5 से 7 लाख ग्रामीण आबादी को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
एससीआर में शामिल होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज हो सकती है। गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, सीवर और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का रास्ता खुलेगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षण संस्थानों का भी विस्तार हो सकेगा।
रोजगार के भी खुलेंगे नए रास्ते
एससीआर के विस्तार से उन्नाव में औद्योगिक इकाइयों, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क, ट्रांसपोर्ट हब, होटल, अस्पताल और आवासीय परियोजनाओं के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के सचिव मनोज सिंह के मुताबिक, गांवों के चिन्हांकन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूची शासन को भेजी जाएगी। शासन से निर्देश मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे।
अब देखना होगा कि एससीआर में शामिल होने वाले इन 300 गांवों की अंतिम सूची कब जारी होती है और विकास कार्य कब शुरू होते हैं
जिले के करीब 300 गांवों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के दायरे में शामिल करने की तैयारी चल रही है। अगर यह योजना लागू होती है तो उन्नाव की 5 से 7 लाख ग्रामीण आबादी को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
एससीआर में शामिल होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज हो सकती है। गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, सीवर और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का रास्ता खुलेगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षण संस्थानों का भी विस्तार हो सकेगा।
रोजगार के भी खुलेंगे नए रास्ते
एससीआर के विस्तार से उन्नाव में औद्योगिक इकाइयों, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क, ट्रांसपोर्ट हब, होटल, अस्पताल और आवासीय परियोजनाओं के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के सचिव मनोज सिंह के मुताबिक, गांवों के चिन्हांकन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूची शासन को भेजी जाएगी। शासन से निर्देश मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे।
अब देखना होगा कि एससीआर में शामिल होने वाले इन 300 गांवों की अंतिम सूची कब जारी होती है और विकास कार्य कब शुरू होते हैं