दस दिन से मुख्य सड़क पर खड़ी गाड़ी दे रही है हादसे को निमन्त्रण
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लापरवाही का अड्डा बनी मुख्य सड़क: 10 दिनों से बीच राह खड़ी कबाड़ गाड़ी दे रही हादसों को न्योता, ट्रैफिक पुलिस बेखबर
शहर की मुख्य सड़क इन दिनों हादसों के मुहाने पर खड़ी है। मुख्य बाजार को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर पिछले दस दिनों से एक लावारिस/खराब गाड़ी बीच सड़क किनारे लावारिस हालत में खड़ी है, लेकिन जिम्मेदार महकमा पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है। व्यस्ततम मार्ग होने के कारण दिनभर यहां गाड़ियों का दबाव रहता है, ऐसे में सड़क का एक बड़ा हिस्सा घेरे खड़ी यह गाड़ी न केवल यातायात में रोड़ा बन रही है बल्कि कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
अंधेरे में बढ़ जाता है जान का खतरा
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि दिन के समय तो किसी तरह लोग बचाकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की कमी या तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह खड़ी गाड़ी 'डेथ ट्रैप' साबित हो रही है। कई दोपहिया वाहन चालक रात में अचानक सामने आई इस गाड़ी के कारण असंतुलित होकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
सुबह और शाम के समय (पीक आवर्स) में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर हो जाती है। खड़ी गाड़ी की वजह से सड़क संकरी हो चुकी है, जिससे हर 10 मिनट में लंबा जाम लग रहा है। एम्बुलेंस और स्कूल बसों जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इस कुप्रबंधन का शिकार हो रही हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
शहर की मुख्य सड़क इन दिनों हादसों के मुहाने पर खड़ी है। मुख्य बाजार को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर पिछले दस दिनों से एक लावारिस/खराब गाड़ी बीच सड़क किनारे लावारिस हालत में खड़ी है, लेकिन जिम्मेदार महकमा पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है। व्यस्ततम मार्ग होने के कारण दिनभर यहां गाड़ियों का दबाव रहता है, ऐसे में सड़क का एक बड़ा हिस्सा घेरे खड़ी यह गाड़ी न केवल यातायात में रोड़ा बन रही है बल्कि कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
अंधेरे में बढ़ जाता है जान का खतरा
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि दिन के समय तो किसी तरह लोग बचाकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की कमी या तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह खड़ी गाड़ी 'डेथ ट्रैप' साबित हो रही है। कई दोपहिया वाहन चालक रात में अचानक सामने आई इस गाड़ी के कारण असंतुलित होकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
सुबह और शाम के समय (पीक आवर्स) में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर हो जाती है। खड़ी गाड़ी की वजह से सड़क संकरी हो चुकी है, जिससे हर 10 मिनट में लंबा जाम लग रहा है। एम्बुलेंस और स्कूल बसों जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इस कुप्रबंधन का शिकार हो रही हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल