दीपावली से पहले कलेक्टर आशीष तिवारी ने बढ़ाया नन्हे हुनर का मान, बच्चों के हाथों से बने सजावटी उत्पाद खरीदकर किया उत्साहवर्धन
दीपावली की खुशियों के बीच कटनी कलेक्ट्रेट परिसर में बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता की खूबसूरत झलक देखने को मिली। गुरुवार, 5 नवंबर को कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बाल गृह संस्थाओं के बच्चों द्वारा तैयार किए गए दीपावली के सजावटी उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस पहल के जरिए उन्होंने नन्हे हुनर को सम्मान देने के साथ आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया।
मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को प्रोत्साहन और आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट के प्रवेश हॉल में विशेष स्टॉल लगाया गया था। स्टॉल में बच्चों के हाथों से तैयार रंग-बिरंगे तोरण, ग्लास कैंडल, वॉल हैंगिंग, झालर, सजावटी दीये और अन्य आकर्षक हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्टॉल से रंग-बिरंगे तोरण, कैंडल सहित विभिन्न सजावटी सामग्री खरीदी और नगद भुगतान कर बच्चों की मेहनत को सम्मान दिया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री प्रमोद चतुर्वेदी एवं महिला सशक्तिकरण अधिकारी सुश्री वनश्री कुर्वेती ने भी खरीदारी कर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर बच्चों की बनाई कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। यह पहल केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने, मेहनत का मूल्य समझने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करती नजर आई।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस पहल ने 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश देते हुए यह साबित किया कि यदि बच्चों की प्रतिभा को सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो उनके हुनर को नई पहचान मिल सकती है। नन्हे हाथों से तैयार इन उत्पादों ने दीपावली की खुशियों में सम्मान, स्वाभिमान और आत्मविश्वास की नई रोशनी जोड़ दी।
मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को प्रोत्साहन और आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट के प्रवेश हॉल में विशेष स्टॉल लगाया गया था। स्टॉल में बच्चों के हाथों से तैयार रंग-बिरंगे तोरण, ग्लास कैंडल, वॉल हैंगिंग, झालर, सजावटी दीये और अन्य आकर्षक हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्टॉल से रंग-बिरंगे तोरण, कैंडल सहित विभिन्न सजावटी सामग्री खरीदी और नगद भुगतान कर बच्चों की मेहनत को सम्मान दिया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री प्रमोद चतुर्वेदी एवं महिला सशक्तिकरण अधिकारी सुश्री वनश्री कुर्वेती ने भी खरीदारी कर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर बच्चों की बनाई कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। यह पहल केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने, मेहनत का मूल्य समझने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करती नजर आई।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस पहल ने 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश देते हुए यह साबित किया कि यदि बच्चों की प्रतिभा को सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो उनके हुनर को नई पहचान मिल सकती है। नन्हे हाथों से तैयार इन उत्पादों ने दीपावली की खुशियों में सम्मान, स्वाभिमान और आत्मविश्वास की नई रोशनी जोड़ दी।